Strike: नये श्रम कानून के खिलाफ केंद्रीय मजदूर यूनियनों की आम हड़ताल गुरुवार को शुरू हो गई है. झारखंड में इसका व्यापक असर दिखाई दे रहा है. राज्य के धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर कोलियरी, औद्योगिक इकाइयां और बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप हैं. बोकारो थर्मल में नए श्रम कानून के विरोध में सीसीएल गोविंदपुर-स्वांग परियोजना में ट्रेड यूनियनों का हड़ताल जारी है. कामगार अपने काम पर नहीं आए. वहीं, बोकारो के बैंकों में ताले लटके हुए हैं. सीसीएल बीएंड के एरिया के खासमहल कोनार परियोजना तथा बोकारो कोलियरी में हड़ताल का असर दिखाई दे रहा है. उत्पादन प्रभावित है और ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह ठप है.
बोकारो में कामकाज बंद
बोकारो के सीसीएल कथारा क्षेत्र के कथारा कोलियरी,कथारा वाशरी एवं जारंगडीह में उत्पादन बुरी तरह ठप है सभी मशीनें खड़ी रही. ट्रांसपोर्टिंग रहा ठप. इस तरह पूरे कथारा क्षेत्र के कथारा कोलियरी प्रथम पाली मेन पावर-84 में 23, सामान्य पाली-165 में 41 कथारा कोलियरी वेश वर्कशॉप मेन पावर 59 में 2 उपस्थित हुए कुल मेन पावर 308 में 66 उपस्थित हुए. कथारा वाशरी में प्रथम पाली मेन पावर 80 में 26 सामान्य पाली मेन पावर 228 में 59 कुल 308 में 109 उपस्थित हुए. स्वांग कोलियरी में प्रथम पाली मेन पावर 110 में 41,सामान्य पाली में मेन पवार 275 में 32 कुल 385 जिसमें 73 उपस्थित हुए. गोविंदपुर यूजी प्रथम पाली मेन पावर में 104 में 75 उपस्थित रहे. आर आर शॉप जारंगडीह में मेन पावर 68 में 22 उपस्थित रहे.
गिरिडीह में हड़ताल का व्यापक असर
गिरिडीह में नए श्रम कानून के विरोध में आज भारत बंद का गिरिडीह जिले में भी व्यापक असर पड़ा है. कई इलाके में भाकपा माले ने सड़क जाम कर दिया है जिससे आवागमन प्रभावित हुई है. गिरिडीह जिले के गांवा, जमुआ, घोड़थम्भा समेत अन्य प्रखंडों में सड़क जाम कर दिया गया है जबकि कई स्थानों पर प्रदर्शन किया जा रहा है.
देवघर में गिरफ्तारी
देवघर के चितरा कोलियरी में देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में सड़क पर उतरे. पुलिस ने हड़ताली कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है.
धनबाद में कामकाज सुबह से ठप
कोयलांचल धनबाद में नये श्रम कानून के खिलाफ केन्द्रीय मजदूर यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल गुरुवार सुबह से ही कोलियरी इलाकों में देखने को मिला. कोलियरी कार्यालय, कोलियरी खदान ,जहां से कोयला उत्पादन किया जाता हैं, उस इलाकों को चार श्रमिक कानून के विरोध में सुबह से ही संयुक्त मोर्चा के नेता कोलियरी परिसर के एरिया वान के शताब्दी हाजिरी घर के समीप जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. शताब्दी कोलियरी में उत्पादन तथा डिस्पैच को रोक दिया गया. संयुक्त मोर्चा के ट्रेड यूनियन ने चार श्रम कानून जन विरोध बताया और एक दिवसीय हड़ताल पर चला गया है. संजुक्त मोर्चा के यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि चार श्रमिक कानून जो कि मजदूरों के अधिकार पर सीधा हमला है. भाजपा सरकार द्वारा लागू किए गए 4 श्रम कानून मजदूर विरोधी गरीब विरोधी संविधान विरोधी है. आज एक दिवसीय हड़ताल है. अगर यह मांगे पूरी नहीं हुई तो आगे अनिश्चितकालीन के लिए हड़ताल किया जाएगा. हालांकि, संयुक्त मोर्चा ने कहा कि भाजपा सरकार श्रमिकों को गुलाम बनाने वाला कानून लागू किया है. कानून के माध्यम से ट्रेड यूनियन को कमजोर किया जा रहा है. बीसीसीएल के सभी एरिया में प्रथम पाली में इसका असर देखा गया हालांकि देशव्यापी हड़ताल में भारतीय मजदूर संघ शामिल नहीं है.
हड़ताल से पहले मजदूर यूनियन की बैठक
एटक, एचएमएस, सीटू और इंटक से संबंद्ध यूनियनों ने हड़ताल में उतरने का निर्णय लिया है. राज्य में कोयला, स्टील और बैंकिंग सेक्टर में हड़ताल का व्यापक प्रभाव दिखेगा. मजदूर यूनियनों ने दावा किया कि झारखंड में लगभग 10 लाख कामगार इस हड़ताल में शामिल होंगे. जानकारी के अनुसार, इस हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव कोयला कंपनियों में रहेगा. झारखंड में सीसीएल, बीसीसीएल, सेल, टाटा वर्कर्स यूनियन आदि में आम हड़ताल का व्यापक असर रहेगा. इसे लेकर मजदूर यूनियनों ने तैयारी भी की है. पिछले कई दिनों से कोयला कंपनियों के कार्यालयों में मजदूर यूनियनों के सदस्य श्रम कानून की बातों को बता रहे हैं. गेट और पिट मीटिंग भी की गयी है.
आम हड़ताल को समर्थन करने की अपील की
हड़ताल के समर्थन में बुधवार को मजदूर यूनियनों ने राजधानी में मशाल जुलूस निकाला. इसमें लोगों से आम हड़ताल को समर्थन करने की अपील की गयी. मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों ने नये श्रम कानून को मजदूर विरोधी बताया है. मशाल जुलूस में विभिन्न श्रमिक संगठनों के सदस्य, कर्मी, असंगठित क्षेत्र के मजदूर, स्कीम वर्कर, किसान और खेत मजदूर भी शामिल हुए. इसमें मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि श्रम कानून में काम के घंटे 12 तक बढ़ाने का रास्ता खोला गया है. हड़ताल के अधिकार पर पाबंदी लगायी जा रही है. पक्की नौकरी की व्यवस्था समाप्त की जा रही है. ठेका, अस्थायी एवं फिक्स टर्म रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है. यूनियन बनाने और उसको मान्यता प्राप्त करने में बाधाएं खड़ी की जा रही हैं. सामाजिक सुरक्षा को कमजोर किया जा रहा है. इएसआइ और पीएफ की कोई ठोस गारंटी नहीं है. छंटनी और तालाबंदी को आसान बनाया जा रहा है. न्यूनतम वेतन, बोनस और ग्रेच्युटी पर हमला किया जा रहा है.
90% असंगठित मजदूर होंगे प्रभावित
वक्ताओं ने बताया कि नये श्रम कानून लागू होने से 70% फैक्ट्री मजदूर तथा 90% असंगठित मजदूर प्रभावी श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जायेंगे. सभा का नेतृत्व एटक के अशोक यादव, किसान सभा के महेंद्र पाठक, अजय सिंह, एक्टू के शुभेंदु सेन, मोहन दत्ता, भीम साहू, सीटू के प्रकाश विप्लव, एसके राय, प्रतीक मिश्रा, आदिवासी अधिकार मंच के प्रफुल्ल लिंडा, सुखनाथ लोहरा, झारखंड खेत मजदूर यूनियन के बीरेंद्र कुमार और अराजपत्रित कर्मचारी से नवीन चौधरी ने किया.
हड़ताल पर रहेंगे राज्य भर के बैंक कर्मचारी
संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच, रांची (झारखंड) के आह्वान पर 12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल में बैंकों के कर्मचारी यूनियन ने भी समर्थन देने की घोषणा की है. हालांकि, इस दिन बैंकों के ब्रांच खुलेंगे, लेकिन निचले क्रम के बैंक कर्मचारियों के काम नहीं करने से हड़ताल का नियमित बैंकिंग सेवा पर असर पड़ेगा. हालांकि, ऑफिशियली बैंक हॉलिडे की घोषणा नहीं की गयी है. यूनियन बैंक एंप्लॉय संगठन, झारखंड के महामंत्री दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि बैंक यूनियनें लंबे समय से पेंडिंग मांगों को पूरा करने की मांग कर रही हैं बैंक एंप्लॉय फेडरेशन झारखंड के महासचिव एमएल सिंह ने कहा कि हड़ताल का मुख्य कारण नवंबर 2025 में नोटिफाई किये गये चार नये लेबर कोड हैं, जो मौजूदा 29 लेबर कानूनों की जगह लेंगे. इधर हड़ताल के समर्थन में बुधवार को प्रधान टावर के समक्ष आयोजित प्रदर्शन में बैंककर्मी शामिल हुए.
प्रदेश कांग्रेस ने जताया समर्थन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आम हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया है. कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य भर में इस हड़ताल के समर्थन में एकजुटता दिखायेंगे. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि यह हड़ताल मुख्य रूप से भाजपा सरकार के उन श्रम सुधारों के खिलाफ है, जिनसे मजदूरों की सुरक्षा खतरे में पड़ गयी है. उन्होंने कहा कि नये लेबर कोड ने नौकरी की सुरक्षा कम कर दी है और कानूनी सुरक्षा उपायों को कमजोर किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने राज्य के सभी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि देशव्यापी हड़ताल के दौरान पूरी एकजुटता दिखायें. न्याय, सम्मान और सही आर्थिक नीतियों के लिए चल रहे इस लोकतांत्रिक संघर्ष में मजदूरों और किसानों के साथ मजबूती से खड़ा रहें.
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जेसीएमयू ने भी किया हड़ताल को समर्थन
झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन (जेसीएमयू) ने 12 फरवरी 2026 को एक दिवसीय हड़ताल का समर्थन दिया है. यूनियन ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर कोल इंडिया लिमिटेड प्रबंधन को नोटिस भेजा है. यूनियन के केंद्रीय महासचिव फागू बेसरा ने कहा कि केंद्र को चार श्रम संहिताओं को वापस लेना चाहिए. मजदूरों के पूर्व प्राप्त अधिकारों, सेवा शर्तों और सामाजिक सुरक्षा की रक्षा के लिए यह हड़ताल की जा रही है. यूनियन ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित की जायेगी.
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