हेमंत सोरेन सरकार में 3 नए चेहरे, बैद्यनाथ राम, इरफान अंसारी और दीपिका पांडेय सिंह ने ली शपथ

Jharkhand News: झारखंड विधानसभा में विश्वास मत जीतने के बाद अब राजभवन में हेमंत सोरेन के मंत्रियों के शपथ ग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है. 2 नए मंत्री शपथ लेंगे.

Jharkhand News: झारखंड विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद हेमंत सोरेन ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया. मंत्रिमंडल में 11 लोगों को शामिल किया गया है. 3 लोगों को पहली बार मंत्री बनने का मौका मिला है, तो एक मंत्री को कैबिनेट से बाहर कर दिया गया है.

कांग्रेस ने पहली बार इरफान और दीपिका को बनाया मंत्री

कांग्रेस कोटे से इरफान अंसारी और दीपिका पांडेय सिंह को मंत्री बनाया गया है. दोनों पहली बार मंत्री बने हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता बैद्यनाथ राम को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. सोमवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने राजभवन के बिरसा मंडप में हेमंत सोरेन कैबिनेट के 11 मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. कांग्रेस कोटे के मंत्री बादल पत्रलेख को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

हेमंत सोरेन की कैबिनेट में बसंत सोरेन को नहीं जगह

उनकी जगह महगामा की विधायक दीपिका पांडेय सिंह को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. टेंडर घोटाला मामले में आलमगीर आलम के जेल जाने के बाद कांग्रेस कोटे से इरफान अंसारी को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिली है. हेमंत सोरेन के छोटे भाई और दुमका के विधायक बसंत सोरेन को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया है. हेमंत सोरेन की अनुपस्थिति में 5 महीने तक सरकार चलाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को भी हेमंत सोरेन में मंत्री बनाया गया है.

शिक्षा मंत्री रहे बैद्यनाथ राम झामुमो सरकार में भी बने मंत्री

हेमंत सोरेन की कैबिनेट में जिन 3 नए लोगों को शामिल किया गया है, उनमें 2 पहली बार मंत्री बने हैं, जबकि बैद्यनाथ राम पहले भी झारखंड सरकार में मंत्री रह चुके हैं. जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के बाद वह झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हुए. वर्तमान में लातेहार से विधायक हैं. 10 साल बाद उन्होंने चुनाव जीता. 2005 में जदयू छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे. वर्ष 2019 में भाजपा छोड़कर झामुमो में शामिल हो गए.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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