विवेक चंद्र की रिपोर्ट
रांचीः झारखंड में जीएसटी व्यवस्था अब पूरी तरह तकनीक आधारित होने जा रही है. राज्य सरकार ने कर चोरी पर अंकुश लगाने और वस्तुओं की आवाजाही पर नजर रखने के लिए झारखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 लागू कर दिया है. राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधि विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. संशोधन के बाद सरकार चुनिंदा वस्तुओं के लिए ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम लागू कर सकेगी. इसके तहत उत्पादन से लेकर अंतिम बिक्री तक वस्तुओं की डिजिटल पहचान और निगरानी संभव होगी.
डिजिटल जानकारी जुटाने में विभाग को मिलेगी मदद
अध्यादेश के तहत सरकार अधिसूचना जारी कर किसी वस्तु या उसके पैकेट पर विशिष्ट पहचान चिह्न (यूनिक आइडेंटिफिकेशन मार्किंग) लगाना अनिवार्य कर सकती है. यह डिजिटल स्टांप या कोई अन्य सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक पहचान चिह्न हो सकता है. इसे हटाने या इसमें बदलाव करने की अनुमति नहीं होगी. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद संबंधित वस्तु की सप्लाई चेन को ट्रैक किया जा सकेगा. यानी वस्तु का उत्पादन कहां हुआ, वह किस कारोबारी के पास पहुंची और उसकी बिक्री कहां हुई, इसकी डिजिटल जानकारी जुटाने में विभाग को मदद मिलेगी. इससे टैक्स चोरी, फर्जी बिलिंग और बिना बिल के कारोबार पर निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है.
जीएसटी कानून में इस्तेमाल होने वाली कुछ परिभाषाओं में भी संशोधन किया गया है. प्लांट या मशीनरी की जगह अब प्लांट और मशीनरी शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा. इस बदलाव को एक जुलाई 2017 से प्रभावी माना गया है. विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसइजेड) और फ्री ट्रेड वेयरहाउसिंग जोन में रखे गए माल की आपूर्ति से जुड़े प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है. सरकार के अनुसार, इन बदलावों से राज्य का जीएसटी कानून केंद्रीय जीएसटी प्रावधानों के अनुरूप होगा और कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी.
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झारखंड जीएसटी (संशोधन) अध्यादेश की प्रमुख बातें
ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम लागू करने का प्रावधान.
केवल जुर्माना वाले मामलों में अपील से पहले जुर्माने की 10 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी.
नगरपालिका निधि और स्थानीय निधि की परिभाषा स्पष्ट की गई.
एसईजेड और फ्री ट्रेड वेयरहाउसिंग जोन से जुड़े प्रावधानों में बदलाव.
कई संशोधनों को एक जुलाई 2017 से प्रभावी माना गया है.
नियम तोड़ा तो कम से कम एक लाख का जुर्माना
ट्रैक एंड ट्रेस व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले कारोबारियों पर सख्त दंड का प्रावधान किया गया है. नियमों का उल्लंघन करने पर 1 लाख रुपए या देय कर की 10 प्रतिशत राशि, जो भी अधिक होगी, उतना जुर्माना लगाया जा सकेगा. अध्यादेश में जीएसटी से जुड़े मामलों की अपील प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है. अब ऐसे मामलों में, जिनमें आदेश के तहत केवल जुर्माना लगाया गया है और कर की कोई मांग नहीं है, अपील दायर करने से पहले जुर्माने की राशि का 10 प्रतिशत जमा करना होगा.
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पांच बिंदुओं में समझें, ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम में क्या होगा
- चुनिंदा वस्तुओं या उनके पैकेट पर डिजिटल पहचान चिह्न लगाना अनिवार्य किया जा सकेगा.
- उत्पादन से अंतिम बिक्री तक वस्तुओं की आवाजाही को ट्रैक किया जा सकेगा.
- सप्लाई चेन में वस्तुओं की डिजिटल पहचान से निगरानी आसान होगी.
- कर चोरी और फर्जी बिलिंग पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. 5 नियमों का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपए या देय कर का 10 प्रतिशत, जो अधिक हो, जुर्माना लगेगा.
