World Tribal Day: झारखंड में उच्च शिक्षा में सबसे तेजी से बढ़ रहा आदिवासी बेटियों का नामांकन

झारखंड में उच्च शिक्षा में आदिवासी बेटियों का नामांकन तेजी से बढ़ा है. पिछले पांच वर्षों में एसटी छात्राओं के नामांकन में 28.11% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य के औसत से काफी अधिक है. यह प्रगति सरकारी योजनाओं और जागरूकता का परिणाम है.

सुनील कुमार झा की रिपोर्ट

रांची : झारखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आदिवासी बेटियों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है. पिछले पांच वर्षों में जहां राज्य की सभी छात्राओं के उच्च शिक्षा में नामांकन में 15.03 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, वहीं अनुसूचित जनजाति (एसटी) छात्राओं का नामांकन 28.11 प्रतिशत बढ़ा है. यह बढ़ोतरी राज्य के औसत से काफी अधिक है और बताती है कि उच्च शिक्षा तक आदिवासी बेटियों की पहुंच लगातार मजबूत हो रही है.

सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, आवासीय सुविधाओं और सामाजिक जागरूकता का असर अब आंकड़ों में भी साफ दिखने लगा है. ऑवरऑल आंकड़ों में भी एसटी विद्यार्थियों के नामांकन में सबसे अधिक तेजी से बढ़ोतरी हुई है. पिछले पांच वर्षों में उच्च शिक्षा में एसटी विद्यार्थियों के नामांकन में 23.48 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि राज्य में सभी वर्गों को मिलाकर यह वृद्धि 12.77 प्रतिशत रही.

एसटी विद्यार्थियों के नामांकन में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार, झारखंड में उच्च शिक्षा में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. पांच वर्षों में एसटी विद्यार्थियों का कुल नामांकन 1,53,526 से बढ़कर 1,89,581 हो गया. यानी कुल 36,055 विद्यार्थियों की वृद्धि हुई.

एसटी छात्राओं के नामांकन में बढ़ोतरी सबसे अधिक रही. वर्ष 2019-20 में 84,739 छात्राओं का नामांकन था, जो 2023-24 में बढ़कर 1,08,555 हो गया. इस तरह छात्राओं की संख्या में 23,816 की बढ़ोतरी हुई.

एसटी विद्यार्थियों के नामांकन का आंकड़ा

वर्षछात्रछात्राएंकुल
2019-2068,78784,7391,53,526
2020-2166,77780,7511,47,528
2021-2276,82691,5031,68,329
2022-2379,0611,01,7011,80,762
2023-2481,0261,08,5551,89,581

पांच वर्षों में एसटी नामांकन की तस्वीर

  • कुल नामांकन: 1,53,526 से बढ़कर 1,89,581
  • कुल वृद्धि: 36,055 विद्यार्थी
  • प्रतिशत वृद्धि: 23.48%
  • छात्र: 68,787 से बढ़कर 81,026
  • छात्रों में वृद्धि: 17.79%
  • छात्राएं: 84,739 से बढ़कर 1,08,555
  • छात्राओं में वृद्धि: 28.11%

एससी में भी छात्राओं के नामांकन में तेज वृद्धि

राज्य में पिछले पांच वर्षों में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के विद्यार्थियों के नामांकन में 18.74 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. उच्च शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 में राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी छात्राओं की संख्या 33,841 थी. वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 41,610 हो गई. यानी पांच वर्षों में छात्राओं की संख्या में 22.96 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

हालांकि एससी वर्ग में छात्राओं के नामांकन में छात्रों की तुलना में तेज वृद्धि हुई है, इसके बावजूद कुल संख्या के मामले में छात्र अभी भी छात्राओं से आगे हैं.

पांच वर्षों में एससी विद्यार्थियों का नामांकन

वर्षछात्रछात्राएंकुल
2019-2039,06133,84172,902
2020-2138,11833,27971,397
2021-2245,69137,06582,756
2022-2344,92039,85784,777
2023-2444,95341,61086,563

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ओबीसी छात्राओं का नामांकन 22.37% बढ़ा

झारखंड में पिछले पांच वर्षों में ओबीसी छात्राओं के नामांकन में 22.37 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि छात्रों के नामांकन में 16.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसी अवधि में ओबीसी विद्यार्थियों के कुल नामांकन में 19.53 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

वर्ष 2019-20 में ओबीसी विद्यार्थियों का कुल नामांकन 3,31,632 था, जो 2023-24 में बढ़कर 3,96,415 हो गया.

पांच वर्षों में ओबीसी नामांकन

वर्षछात्रछात्राएंकुल
2019-201,70,3281,61,3043,31,632
2020-211,54,4401,49,7153,04,155
2021-221,87,4451,72,6053,60,050
2022-231,93,3871,85,9863,79,373
2023-241,99,0301,97,3853,96,415

पहली बार उच्च शिक्षा में छात्रों से अधिक हुई छात्राओं की संख्या

झारखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है. पिछले पांच वर्षों में राज्य की छात्राओं के ऑवरऑल नामांकन में 15.03 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि छात्रों के नामांकन में 10.48 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

इसी अवधि में राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में कुल नामांकन 12.77 प्रतिशत बढ़ा. वर्ष 2019-20 में जहां छात्रों की संख्या 4,08,859 और छात्राओं की संख्या 4,08,701 थी, वहीं 2023-24 में छात्राओं की संख्या बढ़कर 4,70,129 हो गई, जबकि छात्रों की संख्या 4,51,726 रही. इस तरह राज्य में पहली बार उच्च शिक्षा में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक हुई.

राज्य में उच्च शिक्षा का कुल नामांकन

वर्षछात्रछात्राएंकुल
2019-204,08,8594,08,7018,17,560
2020-213,93,3493,93,3387,86,687
2021-224,50,1064,29,8598,79,965
2022-234,50,8264,49,9549,00,780
2023-244,51,7264,70,1299,21,855

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कोविड के बाद लगातार बढ़ा नामांकन

कोविड काल के दौरान झारखंड में उच्च शिक्षा के नामांकन में गिरावट दर्ज की गयी थी. वर्ष 2020-21 में सभी वर्गों के विद्यार्थियों का कुल नामांकन घटकर 7,86,687 रह गया. इसके बाद नामांकन में लगातार वृद्धि हुई और वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 9,21,855 पहुंच गया.

किस वर्ग के नामांकन में कितनी बढ़ोतरी

  • ऑवरऑल नामांकन: 12.77%
  • ओबीसी नामांकन: 19.53%
  • एससी नामांकन: 18.74%
  • एसटी नामांकन: 23.48%
  • एसटी छात्राओं का नामांकन: 28.11%
  • एसटी छात्रों का नामांकन: 17.79%

आदिवासी बेटियों की बढ़ती भागीदारी अहम संकेत

आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में उच्च शिक्षा में आदिवासी छात्राओं की भागीदारी राज्य के अन्य सामाजिक वर्गों और ऑवरऑल वृद्धि दर की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रही है. खासकर एसटी छात्राओं के नामांकन में 28.11 प्रतिशत की वृद्धि उच्च शिक्षा में उनकी बढ़ती पहुंच और भागीदारी का महत्वपूर्ण संकेत है.

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लेखक के बारे में

By अर्चना कुजूर

अर्चना कुजूर एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जो वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कार्यरत हैं. वह झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के साथ-साथ राज्य की प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को कवर करती हैं. अर्चना ने वर्ष 2016 में क्राफ्ट फिल्म स्कूल, रोहिणी (नई दिल्ली) से टीवी जर्नलिज्म एंड न्यूज रीडिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा किया. इसके बाद उन्होंने नोएडा स्थित नेशनल वॉयस न्यूज और इंडिया वॉयस न्यूज चैनल (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) में इंटर्नशिप करने के साथ-साथ व्यावहारिक पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया.

झारखंड लौटने के बाद उन्होंने कशिश न्यूज चैनल में लगभग डेढ़ वर्ष तक आउटपुट विभाग में कॉपी राइटर के रूप में कार्य किया. इसके बाद रांची एक्सप्रेस में एजुकेशन बीट पर रिपोर्टिंग की और प्रिंट पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया. वर्ष 2022 से उन्होंने न्यूज11 भारत और नक्षत्र न्यूज चैनल में लगभग दो-दो वर्षों तक डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए राज्य की राजनीति, शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, योजनाओं और समसामयिक विषयों पर हजारों समाचार और विशेष लेख लिखें.

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