सुनील कुमार झा की रिपोर्ट
रांची : झारखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आदिवासी बेटियों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है. पिछले पांच वर्षों में जहां राज्य की सभी छात्राओं के उच्च शिक्षा में नामांकन में 15.03 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, वहीं अनुसूचित जनजाति (एसटी) छात्राओं का नामांकन 28.11 प्रतिशत बढ़ा है. यह बढ़ोतरी राज्य के औसत से काफी अधिक है और बताती है कि उच्च शिक्षा तक आदिवासी बेटियों की पहुंच लगातार मजबूत हो रही है.
सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, आवासीय सुविधाओं और सामाजिक जागरूकता का असर अब आंकड़ों में भी साफ दिखने लगा है. ऑवरऑल आंकड़ों में भी एसटी विद्यार्थियों के नामांकन में सबसे अधिक तेजी से बढ़ोतरी हुई है. पिछले पांच वर्षों में उच्च शिक्षा में एसटी विद्यार्थियों के नामांकन में 23.48 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि राज्य में सभी वर्गों को मिलाकर यह वृद्धि 12.77 प्रतिशत रही.
एसटी विद्यार्थियों के नामांकन में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार, झारखंड में उच्च शिक्षा में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. पांच वर्षों में एसटी विद्यार्थियों का कुल नामांकन 1,53,526 से बढ़कर 1,89,581 हो गया. यानी कुल 36,055 विद्यार्थियों की वृद्धि हुई.
एसटी छात्राओं के नामांकन में बढ़ोतरी सबसे अधिक रही. वर्ष 2019-20 में 84,739 छात्राओं का नामांकन था, जो 2023-24 में बढ़कर 1,08,555 हो गया. इस तरह छात्राओं की संख्या में 23,816 की बढ़ोतरी हुई.
एसटी विद्यार्थियों के नामांकन का आंकड़ा
| वर्ष | छात्र | छात्राएं | कुल |
| 2019-20 | 68,787 | 84,739 | 1,53,526 |
| 2020-21 | 66,777 | 80,751 | 1,47,528 |
| 2021-22 | 76,826 | 91,503 | 1,68,329 |
| 2022-23 | 79,061 | 1,01,701 | 1,80,762 |
| 2023-24 | 81,026 | 1,08,555 | 1,89,581 |
पांच वर्षों में एसटी नामांकन की तस्वीर
- कुल नामांकन: 1,53,526 से बढ़कर 1,89,581
- कुल वृद्धि: 36,055 विद्यार्थी
- प्रतिशत वृद्धि: 23.48%
- छात्र: 68,787 से बढ़कर 81,026
- छात्रों में वृद्धि: 17.79%
- छात्राएं: 84,739 से बढ़कर 1,08,555
- छात्राओं में वृद्धि: 28.11%
एससी में भी छात्राओं के नामांकन में तेज वृद्धि
राज्य में पिछले पांच वर्षों में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के विद्यार्थियों के नामांकन में 18.74 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. उच्च शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 में राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी छात्राओं की संख्या 33,841 थी. वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 41,610 हो गई. यानी पांच वर्षों में छात्राओं की संख्या में 22.96 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
हालांकि एससी वर्ग में छात्राओं के नामांकन में छात्रों की तुलना में तेज वृद्धि हुई है, इसके बावजूद कुल संख्या के मामले में छात्र अभी भी छात्राओं से आगे हैं.
पांच वर्षों में एससी विद्यार्थियों का नामांकन
| वर्ष | छात्र | छात्राएं | कुल |
| 2019-20 | 39,061 | 33,841 | 72,902 |
| 2020-21 | 38,118 | 33,279 | 71,397 |
| 2021-22 | 45,691 | 37,065 | 82,756 |
| 2022-23 | 44,920 | 39,857 | 84,777 |
| 2023-24 | 44,953 | 41,610 | 86,563 |
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ओबीसी छात्राओं का नामांकन 22.37% बढ़ा
झारखंड में पिछले पांच वर्षों में ओबीसी छात्राओं के नामांकन में 22.37 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि छात्रों के नामांकन में 16.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसी अवधि में ओबीसी विद्यार्थियों के कुल नामांकन में 19.53 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
वर्ष 2019-20 में ओबीसी विद्यार्थियों का कुल नामांकन 3,31,632 था, जो 2023-24 में बढ़कर 3,96,415 हो गया.
पांच वर्षों में ओबीसी नामांकन
| वर्ष | छात्र | छात्राएं | कुल |
| 2019-20 | 1,70,328 | 1,61,304 | 3,31,632 |
| 2020-21 | 1,54,440 | 1,49,715 | 3,04,155 |
| 2021-22 | 1,87,445 | 1,72,605 | 3,60,050 |
| 2022-23 | 1,93,387 | 1,85,986 | 3,79,373 |
| 2023-24 | 1,99,030 | 1,97,385 | 3,96,415 |
पहली बार उच्च शिक्षा में छात्रों से अधिक हुई छात्राओं की संख्या
झारखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है. पिछले पांच वर्षों में राज्य की छात्राओं के ऑवरऑल नामांकन में 15.03 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि छात्रों के नामांकन में 10.48 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
इसी अवधि में राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में कुल नामांकन 12.77 प्रतिशत बढ़ा. वर्ष 2019-20 में जहां छात्रों की संख्या 4,08,859 और छात्राओं की संख्या 4,08,701 थी, वहीं 2023-24 में छात्राओं की संख्या बढ़कर 4,70,129 हो गई, जबकि छात्रों की संख्या 4,51,726 रही. इस तरह राज्य में पहली बार उच्च शिक्षा में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक हुई.
राज्य में उच्च शिक्षा का कुल नामांकन
| वर्ष | छात्र | छात्राएं | कुल |
| 2019-20 | 4,08,859 | 4,08,701 | 8,17,560 |
| 2020-21 | 3,93,349 | 3,93,338 | 7,86,687 |
| 2021-22 | 4,50,106 | 4,29,859 | 8,79,965 |
| 2022-23 | 4,50,826 | 4,49,954 | 9,00,780 |
| 2023-24 | 4,51,726 | 4,70,129 | 9,21,855 |
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कोविड के बाद लगातार बढ़ा नामांकन
कोविड काल के दौरान झारखंड में उच्च शिक्षा के नामांकन में गिरावट दर्ज की गयी थी. वर्ष 2020-21 में सभी वर्गों के विद्यार्थियों का कुल नामांकन घटकर 7,86,687 रह गया. इसके बाद नामांकन में लगातार वृद्धि हुई और वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 9,21,855 पहुंच गया.
किस वर्ग के नामांकन में कितनी बढ़ोतरी
- ऑवरऑल नामांकन: 12.77%
- ओबीसी नामांकन: 19.53%
- एससी नामांकन: 18.74%
- एसटी नामांकन: 23.48%
- एसटी छात्राओं का नामांकन: 28.11%
- एसटी छात्रों का नामांकन: 17.79%
आदिवासी बेटियों की बढ़ती भागीदारी अहम संकेत
आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में उच्च शिक्षा में आदिवासी छात्राओं की भागीदारी राज्य के अन्य सामाजिक वर्गों और ऑवरऑल वृद्धि दर की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रही है. खासकर एसटी छात्राओं के नामांकन में 28.11 प्रतिशत की वृद्धि उच्च शिक्षा में उनकी बढ़ती पहुंच और भागीदारी का महत्वपूर्ण संकेत है.
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