जामताड़ा. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मानसिक प्रताड़ना देकर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन निवासी काजल देवी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष की सश्रम कारावास व ₹5,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. मामला मिहिजाम थाना कांड संख्या 72/25 से संबंधित है.
मामले में राम सुबाष यादव ने मिहिजाम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. आरोप लगाया था कि आरोपी काजल देवी ने उनके बेटे को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली. मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी. प्रस्तुत गवाहों एवं साक्ष्यों का अवलोकन किया. साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को बीएनएस की धारा 105(2) के तहत दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष की सश्रम कारावास और ₹5,000 रुपये अर्थदंड लगाया है.
