जामताड़ा. प्रकृति के सृजन और संरक्षण का प्रतीक करम पर्व प्रखंड के आमलाचातर गांव में हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया. भाई-बहनों की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना को लेकर करमइत बहनों ने उपवास रखा और विधिवत करम डाली स्थापित की. इसके बाद करम गीत और पारंपरिक नृत्य का आयोजन किया गया.
करम गीतों पर थिरके महिला-पुरुष
करम गीतों और मांदर की थाप पर महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया. कार्यक्रम में झारखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और प्रकृति प्रेम की झलक देखने को मिली.
पल्लवी ग्रुप, नंदिनी ग्रुप, पिहू ग्रुप, दिव्या ग्रुप, निशा ग्रुप, साथी ग्रुप और कल्पना ग्रुप के कलाकारों ने पारंपरिक एवं आधुनिक गीतों की प्रस्तुति दी. कलाकारों की प्रस्तुति पर ग्रामीण देर रात तक झूमते रहे.
संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता जन कल्याण युवक समिति के अध्यक्ष जनार्दन महतो ने की. मौके पर कुड़मी विकास मोर्चा के केंद्रीय महासचिव अशोक कुमार महतो ने कहा कि करम पर्व प्रकृति संरक्षण, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देता है. अपनी संस्कृति और परंपरा को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजनों को लगातार बढ़ावा देना जरूरी है.
करमइत बहनों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान व्रत रखने वाली सभी करमइत बहनों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया. मौके पर मुखिया रानी पावरिया, मुखिया प्रतिनिधि सहदेव मुर्मू, तपन महतो, जियाराम महतो, टिकन सिंह, अतीक चंद्र महतो, मंगल महतो, जगदीश महतो, नंद कोल, पाटू महतो, रामपद महतो, मुकुंद महतो, सुनील साव, सपन महतो, निर्मल महतो, सुभाष महतो, आशा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
