देवलेश्वर धाम में अखंड हरिनाम संकीर्तन का आयोजन

देवालय देवलेश्वर धाम में महाशिवरात्रि उत्सव पर चार दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन, बाउल गान एवं लोकगीत आदि आयोजन किया गया.

By Prabhat Khabar News Desk | February 28, 2025 8:14 PM

नाला. जिले के प्रसिद्ध देवालय देवलेश्वर धाम में महाशिवरात्रि उत्सव पर चार दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन, बाउल गान एवं लोकगीत आदि आयोजन किया गया. शुक्रवार की रात कई शिल्पियों ने भजन कीर्तन प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस अवसर पर कीर्तनियां नारायण चंद्र धीवर, झुमुर दास, ललीता दास, राधारानी पान, अंतरा घोष ने लीला कीर्तन प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. बंगाल के मशहूर बांग्ला लोकगीत एवं बाउल शिल्पी नुपूर देवनाथ ने बाउल गान प्रस्तुत किया. गौरांग महाप्रभु एवं भगवान श्रीकृष्ण राधा रानी के लीला आधारित भजन कीर्तन प्रस्तुत कर लोगों को मुग्ध कर दिया. बताया कि सती माता के वियोग की खबर पाकर शिवजी उग्र हो गए और माता सती की शव को कंधा में लेकर तांडव नृत्य करने लगे. सृष्टि के प्रलय को देखकर ब्रह्माजी ने विष्णु भगवान को शिवजी के क्रोध को शांत करने को कहा, तब सुदर्शन चक्र के द्वारा माता सती के अंग को काटने लगा. माता का अंग से 51 पीठ का निर्माण हुआ है, जिसे प्रसिद्ध तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है. मौके पर समिति के अध्यक्ष राम हांसदा, सचिव मागाराम विद, मंदिर के मूल पंडा वासुदेव झा, विजय झा, तपन झा, श्यामापद मंडल, जयसिंह सोरेन, राजू रक्षित, मंटू मोहन पाल आदि थे.

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