सेविकाएं अति कुपोषित व एनीमिया पीड़ित बच्चों की करें पहचान

नारायणपुर. अंचल सभागार में मंगलवार को आंगनबाड़ी सेविकाओं को समर सी-मैम का प्रशिक्षण दिया गया.

नारायणपुर. अंचल सभागार में मंगलवार को आंगनबाड़ी सेविकाओं को समर सी-मैम का प्रशिक्षण दिया गया. महिला पर्यवेक्षिका नियोती दास और रेखा देवी ने बताया कि समर अभियान के तहत कुपोषण और एनीमिया से ग्रसित बच्चों की पहचान करनी है. समर सी-मैम अभियान जन्म से पांच वर्ष तक के अति गंभीर कुपोषित बच्चों के प्रबंधन से जुड़ा है. नियोती दास ने कहा कि जिन घरों में कुपोषित बच्चे, किशोरियां, युवतियां या गर्भवती हैं, उन्हें चिह्नित करें. उन्हें सरकार के ऐसे कार्यक्रमों से जोड़ें. दोनों ही मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि एनएफएचएस-5 सर्वे 2019 से 2021 के बीच हुआ. इसमें जनसंख्या, प्रजनन क्षमता, परिवार नियोजन, शिशु और बाल मृत्यु दर, मातृ और बाल स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया, स्वास्थ्य सेवा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े आंकड़े जुटाए गए. बताया कि कुपोषण और एनीमिया के सभी मामलों की सूची मैप में उपलब्ध है. सेविकाएं यह सुनिश्चित करें कि पोषण ट्रैकर में पहले से चिह्नित अति कुपोषित बच्चों की जानकारी मैप में दर्ज हो. गांव स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर हर दिन कैंप लगेंगे. मौके पर निशा कुमारी, मीरा कुमारी, पद्मिनी देवी, दुलेश्वरी देवी, रेणु कुमारी आदि सेविकाएं मौजूद थीं.

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By Jiyaram murmu

मैं जियाराम मुर्मू वर्ष 2009 से प्रभात खबर, जामताड़ा से जुड़ा हुआ हूं. मैं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की जनमुद्दे जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, ग्रामीण विकास सहित ग्रामीणों की समस्याओं को लगातार उठा रहा हूं.

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