रेबीज से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी, डीसी ने की अपील
जामताड़ा : विश्व रेबीज जागरूकता सप्ताह के अवसर पर डीसी आलोक कुमार ने जिलेवासियों से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए सतर्कता बरतने की अपील की है. 22 से 28 सितंबर तक मनाए जा रहे जागरूकता सप्ताह की इस वर्ष की थीम “साथ मिलकर मजबूत बनें” है.
पशु के काटने या खरोंचने पर तुरंत कराएं उपचार
उपायुक्त ने कहा कि रेबीज जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर उचित उपचार और पूर्ण टीकाकरण से इससे बचाव संभव है. कुत्ते, बिल्ली, बंदर समेत संक्रमित पशुओं के काटने या खरोंचने से रेबीज का संक्रमण हो सकता है. इसलिए ऐसी किसी भी घटना को हल्के में नहीं लेना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पशु के काटने या खरोंचने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते साफ पानी से अच्छी तरह धोएं. घाव पर मिर्च, सरसों का तेल, चूना, मिट्टी या किसी घरेलू पदार्थ का प्रयोग नहीं करें. इसके बाद बिना विलंब नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या एंटी रेबीज क्लिनिक पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी रेबीज टीके का पूरा कोर्स कराएं.
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है एंटी रेबीज टीका
डीसी ने कहा कि रेबीज से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है. जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज टीके की सुविधा उपलब्ध है. उन्होंने लोगों से अपने परिवार, आसपास के लोगों और बच्चों को भी पशुओं से सुरक्षित व्यवहार तथा रेबीज से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी, समय पर उपचार और पूरा टीकाकरण किसी की जिंदगी बचा सकता है. पशु के काटने या खरोंचने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल घाव की सफाई कर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टीकाकरण पूरा कराएं.
