जामताड़ा के स्कूलों में पढ़ाई के साथ अब बच्चों की सेहत पर भी ध्यान, हर माह बनेगी हेल्थ रिपोर्ट

झारखंड के स्कूलों में अब छात्रों की स्वास्थ्य जांच, आयरन और कृमिनाशक गोली की जानकारी हर माह पोर्टल पर दर्ज होगी.जानें क्या है नई सुधार रिपोर्टिंग व्यवस्था.

संवाददाता, जामताड़ा. पीएम पोषण योजना से आच्छादित विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की अब नियमित निगरानी की जायेगी. झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने विद्यालय स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों की मासिक रिपोर्टिंग के लिए सुधार (स्कूल अपडेट डिवॉर्मिंग, हेल्थ, असेसमेंट एंड एनीमिया रिपोर्ट) नामक नया प्रपत्र जारी किया है. प्राधिकरण की निदेशक समीरा एस. ने सभी जिला शिक्षा अधीक्षकों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है.

नये प्रपत्र में विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच, आयरन-फोलिक एसिड की गोली के सेवन, एलबेंडाजोल की गोली लेने समेत स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दर्ज की जायेगी. सभी विद्यालयों को प्रत्येक माह निर्धारित प्रपत्र में प्रतिवेदन तैयार कर संबंधित प्रखंड कार्यालय में जमा करना होगा. इसके बाद प्रखंड स्तर पर कार्यरत मध्याह्न भोजन ऑपरेटर द्वारा इसकी जानकारी झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के पोर्टल पर दर्ज की जायेगी.

रिपोर्ट में एकरूपता लाने के लिए तैयार हुआ प्रपत्र

प्राधिकरण के अनुसार, विद्यालयों से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य संबंधी प्रतिवेदनों में एकरूपता लाने के उद्देश्य से सुधार प्रपत्र तैयार किया गया है. इसके माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, एनीमिया से बचाव और कृमि मुक्ति अभियान से जुड़ी गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा सकेगी.

प्रपत्र में दर्ज आंकड़ों के आधार पर यह भी पता लगाया जा सकेगा कि विद्यालयों में स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां कितनी नियमितता से संचालित हो रही हैं और कितने विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल रहा है.

प्रखंड और जिला स्तर पर हर माह होगी समीक्षा

विद्यालयों से प्राप्त स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों को पोर्टल पर दर्ज करने के बाद उनकी प्रखंड और जिला स्तर पर प्रत्येक माह समीक्षा करना अनिवार्य किया गया है. इससे बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं की प्रगति पर नजर रखने के साथ कमियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी.

समय पर प्रतिवेदन जमा कराने का निर्देश

जिला शिक्षा अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिले के सभी विद्यालयों से स्वास्थ्य संबंधी मासिक प्रतिवेदन निर्धारित प्रपत्र में प्रत्येक माह प्रखंड कार्यालय में जमा कराना सुनिश्चित करें.

प्राधिकरण का मानना है कि नियमित रिपोर्टिंग और समीक्षा से विद्यालयों में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी बेहतर होगी. साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य, एनीमिया की रोकथाम और कृमि मुक्ति से संबंधित गतिविधियों की प्रगति का नियमित आकलन भी किया जा सकेगा.

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By Umesh kumar

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