झारखंड बंगाली समिति ने मनाया अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस
झारखंड बंगाली समिति के सदस्यों ने 26वां मातृभाषा दिवस कायस्थपाड़ा स्थित एसडब्ल्यूएसए क्लब में मनाया.
जामताड़ा. झारखंड बंगाली समिति के सदस्यों ने 26वां मातृभाषा दिवस कायस्थपाड़ा स्थित एसडब्ल्यूएसए क्लब में मनाया. इस अवसर पर पश्चिम पाकिस्तान सरकार की ओर से उर्दू को बांग्ला भाषी पूर्वी पाकिस्तान सहित समग्र पाकिस्तान में राष्ट्रीय भाषा घोषित करने के विरोध में व बांग्ला को भी द्वितीय राष्ट्र भाषा के रूप में स्वीकृति देने शहीद आबदुस सलाम, आबुल बरकत, आबदुल जब्बार, शफिउर रहमान आदि को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया. समिति के अध्यक्ष डाॅ डीडी भंडारी ने कहा कि भारत एक बहुभाषी राष्ट्र है. यहां जरूरत है अपनी-अपनी मातृभाषा को मर्यादा देते हुए अन्य भाषाओं को भी समान महत्व देना. स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने संताल परगना में बोली जाने वाली भाषा बांग्ला, संताली, खोरठा, मालतो आदि में शिक्षा प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की है, परंतु लागू नहीं हो पाया है. कहा हम भाषा कर्मियों का फर्ज है, शिक्षा विभाग से संपर्क कर उसे लागू कराना. कार्यक्रम में संत एंथोनी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अपनी-अपनी मातृभाषा में कविता पाठ किया. कविता पाठ करने वालों में छात्रा शुभश्री मिश्रा, सुरभी नाग, अंकिता कुमारी थी. झारखंड बंगाली समिति के मीडिया प्रभारी धनेश्वर सिंह, उपाध्यक्ष डाॅ कांचन गोपाल मंडल , शशि कुमार ने प्रकाश डाला. मौके पर समिति के अशोक कुमार मंडल, काजल राय चौधरी, देवोजीत सरखेल, चंचल दास, बापन दास, स्वप्न कुमार दत्त, अरुप कुमार यादव, लारेब खान, निवास पंडित, दिशारी, रत्ना पाल, त्रिशा दे आदि मौजूद थे.
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