जामताड़ा. सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट के 18 सितंबर के आदेश के बाद जामताड़ा जिले में नियुक्त शिक्षकों की स्थिति पर भी असर पड़ने की संभावना है. जिले में सहायक आचार्य के करीब 250 अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई है. इनमें 13 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति आरक्षण श्रेणी से जुड़े नियमों के कारण समीक्षा के दायरे में आ गयी है. अब इन नियुक्तियों की नए सिरे से जांच की तैयारी शुरू कर दी गयी है.
जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति ने बताया कि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान ही इस तरह की त्रुटि सामने आयी थी. उस समय न्यायालय के आदेश के अनुरूप नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ायी गयी थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित परिणाम को रद्द कर नये सिरे से परिणाम जारी करने का निर्देश दिया है. ऐसे में विभाग भी न्यायालय के निर्देश के अनुरूप आगे की कार्रवाई कर रहा है.
आरक्षण श्रेणी को लेकर फंसा मामला
चिह्नित 13 सहायक आचार्यों में अधिकतर मामले आरक्षण श्रेणी से संबंधित बताये जा रहे हैं. जांच में ऐसे अभ्यर्थी सामने आये हैं, जिनका परिणाम सामान्य और ओबीसी समेत अलग-अलग श्रेणियों में आया है. आरक्षण का लाभ लेने तथा अनारक्षित श्रेणी में चयन की पात्रता को लेकर अब रिकॉर्ड की दोबारा जांच होगी.
नये परिणाम के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार जेएसएससी द्वारा जारी सहायक आचार्य परीक्षा-2023 के संशोधित परिणाम को रद्द कर चार सप्ताह में नया परिणाम जारी किया जाना है. इसके बाद पहले से नियुक्त सहायक आचार्यों की स्थिति भी नये परिणाम के आधार पर प्रभावित हो सकती है.
डीएसई ने स्पष्ट किया कि फिलहाल 13 शिक्षकों की सेवा समाप्ति का कोई अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है. नये परिणाम और विभागीय समीक्षा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन अभ्यर्थी नियमों के अनुरूप चयनित रहता है और किसकी नियुक्ति प्रभावित होती है. विभाग दस्तावेजों और श्रेणीवार रिकॉर्ड की जांच कर रहा है.
