प्रतिनिधि, जामताड़ा: फतेहपुर प्रखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. शनिवार दोपहर फतेहपुर डिग्री कॉलेज के समीप सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल झारखंड आंदोलनकारी एवं भारत प्राचीन आदिवासी कोल जाति कल्याण समिति के केंद्रीय अध्यक्ष उमानाथ कोल (75) की इलाज के दौरान मौत हो गयी. परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीएचसी फतेहपुर में न चिकित्सक उपलब्ध थे और न ही एंबुलेंस थी. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर कर दिया गया और जामताड़ा ले जाने के दौरान रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया. जामताड़ा बाजार निवासी एवं लाइट हाउस दुकान के कर्मी सुभोजित दास अपनी बाइक से फतेहपुर की ओर आ रहे थे, जबकि उमानाथ कोल जामताड़ा की दिशा में जा रहे थे. डिग्री कॉलेज के समीप दोनों बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई. हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. सुभोजित दास के दोनों भौंह और नाक में गंभीर चोट आई, जबकि उमानाथ कोल के पैर का अंगूठा कट गया और उनके मुंह से लगातार रक्तस्राव हो रहा था. सूचना मिलते ही फतेहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अपने सरकारी वाहन से सीएचसी फतेहपुर पहुंचाया. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उस समय कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था. स्वास्थ्यकर्मियों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को सदर अस्पताल, जामताड़ा रेफर कर दिया. गंभीर रूप से घायल उमानाथ कोल की हालत लगातार बिगड़ती गई और रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.
एंबुलेंस नहीं मिली, पुलिस बनी सहारा ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं थी. काफी देर तक इंतजार के बाद भी व्यवस्था नहीं होने पर परिजनों ने नाराजगी जताई. इसके बाद फतेहपुर थाना पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए अपने सरकारी वाहन से घायल को जामताड़ा के लिए रवाना किया. लोगों का कहना है कि यदि पुलिस आगे नहीं आती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी.
चिकित्सा में सुधार की उठी मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सीएचसी फतेहपुर में चिकित्सकों की नियमित तैनाती, 24 घंटे एंबुलेंस सेवा, ट्रॉमा उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो इलाज के अभाव में लोगों की जान यूं ही जाती रहेगी. सरकारी व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर होता जाएगा.
