यीशु के पुनरुत्थान की खुशखबरी का जश्न ही ईस्टर: थियोफिल
यीशु के पुनरुत्थान की खुशखबरी का जश्न ही ईस्टर: थियोफिल
संवाददाता, जामताड़ा : ईस्टर संडे पर रविवार को जामताड़ा शहर के बुधुडीह स्थित ब्रदरन एसेंबली और ब्रदरन चर्च में सुबह नौ बजे प्रार्थना सभा आयोजित की गई. इस दौरान समाज की बालिकाओं ने कैरोल गीत गाकर प्रभु यीशु को याद किया. बता दें कि रविवार को ईस्टर संडे ईसाई परंपरा में वर्ष का सबसे पवित्र त्योहार माना जाता है. ब्रदर थियोफिल मुर्मू ने बताया कि ईस्टर का अर्थ है यीशु के पुनरुत्थान की खुशखबरी का जश्न मनाना. यह पवित्र सप्ताह के अंत में मनाया जाता है, जो पाम संडे से शुरू होकर पवित्र शनिवार को समाप्त होता है. इसमें ईस्टर संडे से पहले के सात दिन शामिल होते हैं. ईस्टर के अवसर पर सभी ने प्रभु की याद में प्रार्थना और स्तुति की. इस दौरान न केवल आध्यात्मिक विश्वास को मजबूत किया गया, बल्कि समाज में भाईचारे और प्रेम का संदेश भी फैलाया गया. वहीं ब्रदर अमोल राय ने बाइबिल पाठ के माध्यम से लोगों को प्रभु यीशु का संदेश सुनाया. इस मौके पर ब्रदर आलोक किस्कू, आशीष मरांडी, इस्माइल हांसदा, आजाद मरांडी, कुलदीप मरांडी तथा ईसाई समाज की महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित थे.
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