माता-पिता के निधन के बाद बच्चों को दादा-दादी के पास रहने का सुनाया निर्णय

बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने माता-पिता की मृत्यु के बाद देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (सीएनसीपी) के अधिकारिता मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया.

संवाददाता, जामताड़ा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने माता-पिता की मृत्यु के बाद देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (सीएनसीपी) के अधिकारिता मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया. समिति के अध्यक्ष ऋतेश चंद्र ने बताया कि इस निर्णय में बच्चों के हितों को प्राथमिकता देते हुए यह स्पष्ट किया गया कि नाबालिग भाई-बहनों को अलग नहीं किया जा सकता और उन्हें दादा-दादी या नाना-नानी से अलग करना भी अनुचित होगा. समिति ने निर्णय देते हुए बच्चों को उनके दादा के घर पर ही रहने का आदेश दिया. साथ ही दादा के परिवार को यह निर्देश दिया कि वे बच्चों के नानी परिवार को उनसे मिलने-जुलने से रोकने का कोई प्रयास न करें. यह आदेश बच्चों के सर्वांगीण विकास और मानसिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए दिया गया. दोनों पक्षों ने इस निर्णय को सहर्ष स्वीकार किया. इस मामले में बच्चों के माता-पिता की आकस्मिक मृत्यु के बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया था, जिससे बच्चों की नानी ने सीडब्ल्यूसी में उनके संरक्षण के लिए आवेदन किया था. समिति की बैठक में अध्यक्ष ऋतेश चंद्र के साथ सदस्य मनोरंजन कुंवर, बिमलेन्दु विश्वास और धर्मशीला प्रसाद उपस्थित थे. इस फैसले को सामाजिक दृष्टि से एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है, जो बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा करने और परिवारों के बीच सामंजस्य बनाए रखने की दिशा में एक उदाहरण प्रस्तुत करता है.

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