जामताड़ा : समाहरणालय सभागार में त्रैमासिक जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलआरसी) की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता डीडीसी असीम किस्पोट्टा ने की. इसमें जिले में बैंकिंग सेवाओं और विभिन्न ऋण योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी.
कई बैंकों के सीडी रेश्यो पर उठे सवाल
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेश्यो), एनुअल क्रेडिट प्लान, पीएम जनधन योजना, सोशल सिक्योरिटी स्कीम, एसएचजी लिंकेज, मुद्रा लोन और पीएमएफएमई सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गयी. डीडीसी ने कई बैंकों के ऋण-जमा अनुपात में खराब प्रदर्शन पर चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि बैंकों में जमा राशि बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुरूप ऋण वितरण नहीं हो रहा है. बैंक अधिकारियों को ऋण वितरण में तेजी लाने और लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
किसानों को केसीसी से जोड़ने में तेजी लाने का निर्देश
केसीसी ऋण वितरण में शिथिलता पर भी डीडीसी ने नाराजगी जतायी. उन्होंने अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया. एलडीएम, जिला कृषि पदाधिकारी और बैंकर्स को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया, ताकि पात्र किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके.
समय पर केसीसी चुकाने पर मिल सकता है शून्य ब्याज का लाभ
बैठक में आरबीआई प्रतिनिधि ने बताया कि तीन लाख रुपये तक के केसीसी ऋण की समय पर अदायगी करने वाले किसानों को शून्य ब्याज दर का लाभ मिल सकता है. इस पर डीडीसी ने बैंकर्स को किसानों के बीच इसकी जानकारी व्यापक रूप से पहुंचाने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें.
अनबैंक्ड क्षेत्रों में बैंकिंग सेवा पहुंचाने पर जोर
बैठक में जिले के अनबैंक्ड क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया. इसके साथ ही जनसंख्या के अनुरूप बैंक शाखाओं की संख्या बढ़ाने को लेकर भी आवश्यक पहल करने की बात कही गयी.
पीएमएफएमई के लंबित आवेदनों पर बैंकों को फटकार
पीएमएफएमई आवेदनों की कम स्वीकृति पर भी बैठक में चर्चा हुई. बैंकों को रुचि लेकर लंबित मामलों में प्रगति लाने और आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया.
