प्रतिनिधि, मिहिजाम : चित्तरंजन रेलवे मेन्स कांग्रेस (सीआरएमसी), एनएफआईआर एवं इंटक के प्रतिनिधिमंडल ने चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (सीएलडब्ल्यू) की खाली पड़ी जमीन का बेहतर उपयोग करने की मांग रेल प्रशासन से की है. इस संबंध में प्रतिनिधिमंडल ने सीएलडब्ल्यू प्रशासन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा.
कृषि गतिविधियों के लिए लीज पर देने का प्रस्ताव
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सीएलडब्ल्यू की अनुपयोगी जमीन के उपयुक्त हिस्सों को कृषि गतिविधियों के लिए लीज पर देने से रेल कर्मचारियों और चित्तरंजन रेलनगरी को कई स्तरों पर लाभ मिल सकता है. इससे कर्मचारियों को ताजा दूध, फल एवं सब्जियां उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और बाहरी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम होगी. साथ ही कृषि गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं.
झाड़ियों और खरपतवार पर भी लगेगा नियंत्रण
संगठन ने कहा कि खाली जमीन का नियमित उपयोग होने से उसके रख-रखाव में भी सुविधा होगी. जमीन पर उगने वाली जंगली झाड़ियों एवं खरपतवार पर नियंत्रण किया जा सकेगा, जिससे रेलनगरी का वातावरण अधिक स्वच्छ, सुरक्षित एवं स्वस्थ बनाने में मदद मिलेगी.
कर्मचारी हितैषी सुझावों पर विचार की उम्मीद
इस अवसर पर सीआरएमसी अध्यक्ष संजय कुमार शाही ने प्रस्ताव की विस्तृत जानकारी देते हुए रेल कर्मचारियों एवं सीएलडब्ल्यू रेलनगरी के लिए इसके संभावित लाभों पर प्रकाश डाला. वहीं, सीआरएमसी महासचिव इंद्रजीत सिंह ने प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए सीएलडब्ल्यू के महाप्रबंधक के प्रति आभार जताया. उन्होंने उम्मीद जताई कि सीएलडब्ल्यू प्रशासन संगठन की ओर से दिए जाने वाले व्यावहारिक, रचनात्मक एवं कर्मचारी हितैषी सुझावों पर आगे भी गंभीरता से विचार करेगा.
