आइपीएम तकनीक अपनाने से पैदावार में होगी वृद्धि : डीएओ
जामताड़ा प्रखंड के अमलाचातर गांव में दो दिवसीय आइपीएम ओरियंटेशन प्रशिक्षण शुरू किया गया.
जामताड़ा. केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन (आइपीएम) केंद्र, रांची की ओर से जामताड़ा प्रखंड के अमलाचातर गांव में दो दिवसीय आइपीएम ओरियंटेशन प्रशिक्षण शुरू किया गया. मौके पर किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, जैविक कीट नियंत्रण की विधियों एवं सतत कृषि विकास के संबंध में अवगत कराया. जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार ने प्रगतिशील किसानों को इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रेरित किया. प्रशिक्षण के दौरान सिखाई जाने वाली तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा, आइपीएम तकनीक अपनाने से किसानों को पैदावार में वृद्धि होगी और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा. यह न केवल खेती की उत्पादकता बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी. कार्यक्रम के प्रभारी अधिकारी अशोक कुमार एचपी (वनस्पति संरक्षण अधिकारी) ने आइपीएम (एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन) के महत्व व सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने किसानों को विभिन्न फसलों में कीट व्याधियों की पहचान करने, उसके प्रभावी नियंत्रण के उपायों और जैविक तथा यांत्रिक विधियों से कीट प्रबंधन करने के तरीकों की जानकारी दी. प्रशिक्षण के दौरान केंद्र के सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी संदीप सालवे एवं तकनीकी सहायक नीतीश कुमार सुमन ने किसानों को विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षित किया. प्रखंड तकनीकी प्रबंधक इकबाल हुसैन ने कहा कि यह उनके लिए खेती की नई और उन्नत तकनीकों को अपनाने में मददगार साबित होगा. प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि करना है. इस पहल से न केवल किसानों को सतत कृषि के बारे में जागरूक किया जा रहा है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.
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