जामताड़ा में आदिवासी दंपती ने फांसी लगा कर की आत्महत्या
जामताड़ा : नगर थाना अंतर्गत पगड़ाडीह गांव में एक आदिवासी दंपती 58 वर्षीय आलोक हांसदा व उनकी पत्नी बुधनी मरांडी ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. हालांकि आत्महत्या का कारण पता नहीं चल पाया है. उनका बेटा अपने ससुराल बेवा गांव में रहता है. सोमवार की शाम पुलिस को घटना […]
जामताड़ा : नगर थाना अंतर्गत पगड़ाडीह गांव में एक आदिवासी दंपती 58 वर्षीय आलोक हांसदा व उनकी पत्नी बुधनी मरांडी ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. हालांकि आत्महत्या का कारण पता नहीं चल पाया है. उनका बेटा अपने ससुराल बेवा गांव में रहता है. सोमवार की शाम पुलिस को घटना की सूचना मिली और घटनास्थल पर जाकर मामले की पूरी तहकीकात की. पुलिस ने शव काे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है.
चर्चा है कि गरीबी से तंग आकर दंपती ने आत्महत्या की है. इस पर जिला प्रशासन ने कहा है कि दंपति के परिवार को पेंशन मिल रहा था. अनाज भी दिया गया था. थाना प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आत्महत्या के मामले की जांच की जा रही है. जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि आदिवासी दंपती की मौत गरीबी के कारण हुई है. आदिवासी दंपती अत्यंत ही गरीब थे. उनके पास राशन कार्ड तक नहीं था.
जामताड़ा में आदिवासी…
राशन कार्ड के लिए कई बार आवेदन भी दिया है. लेकिन कार्ड नहीं बना. कहा : जामताड़ा विधानसभा में 19 हजार गरीबों काे राशन कार्ड से वंचित रखा गया है. एक साजिश के तहत आदिवासियों को राशन कार्ड से वंचित रखा गया है. ये सरकार निक्कमी है. ये गरीबों की सरकार नहीं है. ये सरकार सिर्फ पूंजीपतियों के लिए बनी है.
क्या कहते हैं डीसी
डीसी रमेश कुमार दूबे ने कहा कि उनके पास आदिवासी दंपती की भूख से आत्महत्या कर लेने की सूचना नहीं है. वे इस संबंध में संज्ञान लेंगे. मेझिया पंचायत में जहां तक योजना की बात है लगभग दो हजार शौचालय का निर्माण किया जा रहा है. मनरेगा की योजनाएं हैं. इसलिए रोजगार की कमी नहीं है. फिर भी वे जानकारी लेंगे. किस कारण से आत्महत्या की है इसका पता लगाया जायेगा.
आत्महत्या के कारण का पता नहीं
विधायक ने कहा : गरीबी से तंग आकर की आत्महत्या
प्रशासन ने कहा : मिल रही थी पेंशन, जांच करायेंगे