जामताड़ा से छह गिरफ्तार

जामताड़ा : अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजबली शर्मा के नेतृत्व में गुरुवार की देर शाम जामताड़ा पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र में कई जगहों पर छापेमारी कर छह साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. पकड़े गये आरोपितों में जिवलाल मंडल, गिरधारी मंडल, प्रसाद मंडल, फौजुल मंडल, संतोष मंडल एवं कालेश्वर मंडल है. ये सभी रामपुर और […]

जामताड़ा : अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजबली शर्मा के नेतृत्व में गुरुवार की देर शाम जामताड़ा पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र में कई जगहों पर छापेमारी कर छह साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. पकड़े गये आरोपितों में जिवलाल मंडल, गिरधारी मंडल, प्रसाद मंडल, फौजुल मंडल, संतोष मंडल एवं कालेश्वर मंडल है. ये सभी रामपुर और देवलबारी गांव के रहनेवाले हैं.

मोबाइल के इएमइआइ नंबर को लोकेट कर किया गिरफ्तार

ये सभी लोग बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल सहित अन्य जगहों से दूसरे के नाम पर सीम निर्गत करवाने का काम करते थे. उस सीम का उपयोग अपने मोबाइल से साइबर क्राइम करने में करते थे. इसके बाद सीम निकाल देते थे. पुलिस एक्सपर्ट द्वारा लगातार इन लोगों के मोबाइल के आइएमइआइ नंबर का लोकेट करने में लगी हुई थी. इसी लोकेट के आधार पर पुलिस ने इन लोगों को पकड़ा.

टीम की थी नजर

पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर टीम गठित की गयी थी. टीम में साइबर एक्सपर्ट राजेश सिन्हा, एसआइ बाल्मिकी सिंह, करमाटांड़ थाना प्रभारी रवि ठाकुर, जामताड़ा थाना प्रभारी अजय सिंह, एसआइ नितिश कुमार आदि थे. ये लोग कई दिनों से नजर रखे हुए थे. एसडीपीओ ने बताया कि इनके पास से सात मोबाइल जब्त किया गया. इनके विरुद्ध करमाटांड़ थाना कांड संख्या 147/ 15 दर्ज किया गया है. गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में मंडल कारा भेजा जायेगा.

साइबर क्राइम का गढ़ बनता जामताड़ा

जामताड़ा के साइबर अपराधियों ने पूरे देश की पुलिस की नींद उड़ा रखी है. जामताड़ा जिला के करमाटांड़, नारायणपुर, झिलुआ, देवलबारी, मटटांड़, रामपुर, दुधानी सहित दर्जनों गांव इस साइबर क्राइम में सामिल है. देश की असम, दिल्ली, गुजरात, यूपी, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ, हरियाणा, केरल, अंडमाण-निकोबार आदि राज्य की पुलिस यहां छापेमारी कर चुकी है.

कैसे उड़ाते हैं एकाउंट से पैसा

ये साइबर अपराधी बैंक अधिकारी बन कर एटीएम लॉक करने की बात कह कर एटीएम का पीन कोर्ड का नंबर जो 16 या 19 अंक का होता है, पूछते हैं. साथ ही एटीएम का वेलिडिटी भी पूछा जाता है.

एटीएम का बैक साईड का 03 अंक या 06 अंक का नंबर भी कार्डधारी से मांगा जाता है. इसके बाद साइबर अपराधियों द्वारा कार्डधारी को ओटीपी मैसेज किया जाता है. 06 अंक का ओटीपी मेसेज नंबर लिखा होता है. उस नंबर को कार्डधारी द्वारा कंफर्म करते ही पैसा एकाउंट से उड़ जाता है.

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