पूर्वी सिंहभूम जिले में फंड की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई है. झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड (जेएसबीसीसी) की ओर से चल रही कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं बजट के अभाव में प्रभावित हो रही हैं.
करीब 13.92 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे जुगसलाई डिग्री कॉलेज का 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन पिछले 10 महीनों से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है. अधिकारियों के अनुसार, काम रुकने की मुख्य वजह बजट का नहीं मिलना है. विभाग की ओर से मुख्यालय को पत्र भेजकर जल्द फंड जारी करने का आग्रह किया गया है, ताकि निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जा सके.
डिप्टी लेबर कमिश्नर ऑफिस का काम भी हुआ प्रभावित
श्रम विभाग के तहत बनने वाले डिप्टी लेबर कमिश्नर ऑफिस की परियोजना भी शुरुआती दौर में स्थानीय विवाद के कारण प्रभावित हुई थी. बाद में उपायुक्त के हस्तक्षेप के बाद निर्माण स्थल को बदलकर पुराने श्रम कार्यालय परिसर में शिफ्ट किया गया.
करीब 13.41 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का अब तक 52 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है. इसे 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
फंड मिलते ही शुरू होगा रुका काम
झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के कार्यपालक अभियंता उज्ज्वल नाग ने बताया कि फंड की कमी के कारण कुछ योजनाओं की रफ्तार प्रभावित हुई है. बजट आवंटन के लिए मुख्यालय से लगातार पत्राचार किया जा रहा है. फंड मिलते ही रुके हुए काम दोबारा शुरू करा दिए जाएंगे.
उन्होंने बताया कि चाकुलिया और को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज की निर्माण योजनाओं में काम तेजी से चल रहा है.
