जमशेदपुर से संजीव भारद्वाज की रिपोर्ट
जमशेदपुर: पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने किसानों और ग्रामीण महिलाओं के साथ खेत में काम करते देखी गई है. जानकारी के अनुसार वह रांची से जमशेदपुर लौट रही थी, इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (NH-33) पर तमाड़ के नीरूडीह गांव के समीप खेतों में महिलाओं को धान रोपते देख विधायक खुद को रोक नहीं सकीं. उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और सीधे पानी से लबालब भरे खेतों में उतर गईं.
महिलाओं से लिया बिचड़ा और खुद करने लगीं रोपाई
विधायक पूर्णिमा साहू ने न सिर्फ अपने सुरक्षा घेरे और औपचारिकताओं को किनारे रखा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के हाथों से धान का बिचड़ा (पौध) लेकर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर धान रोपना शुरू कर दिया. खेतों में काम करते वक्त महिलाओं से बातचीत कर उनके घर गृहस्थी और अन्य समस्याओं के बारे में जानकारी ली. महिलाओं ने बातचीत दौरान यह भी बताया कि ये उनके अपने खेत हैं. विधायक ने इस पर उनसे इस साल की बारिश की स्थिति, खेती-किसानी और फसलों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की.
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पुराने दिनों को याद कर भावुक हुईं विधायक
खेतों में काम करने के अपने इस अनुभव को साझा करते हुए विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा, "किसान हमारे असली अन्नदाता और देश की रीढ़ हैं. उनकी दिन-रात की कड़ी मेहनत और पसीने की बदौलत ही पूरे देश के लोग खुशहाल जीवन जीते हैं. खेतों में काम करना आसान नहीं होता, फिर भी वे हर परिस्थिति में देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं." बातचीत के क्रम में उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए भावुक होकर कहा कि आज खेत में उतरते ही मुझे बचपन के दिन याद आ गए, जब मैं अपनी बुआ के गांव जाती थी और महिलाओं के साथ धान रोपती थी. वर्षों बाद यह अनुभव दोबारा पाकर मन बेहद भावुक और प्रसन्न है."
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
विधायक के इस सहज और सादगी भरे व्यवहार की स्थानीय ग्रामीण महिलाओं, राहगीरों और क्षेत्र की जनता ने जमकर सराहना की. लोगों का कहना है कि किसी जनप्रतिनिधि का इस तरह जमीन से जुड़कर किसानों के श्रम में सहभागी बनना बेहद प्रेरणादायक है. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है.
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