सिविल सर्जन का निर्देश- लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई
वरीय संवाददाता, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते मलेरिया संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है. सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने जमशेदपुर के शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत 20 चिकित्सा पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सीएचसी पोटका के अधीन ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिनियुक्त कर दिया है. सभी डॉक्टरों को प्रतिदिन सुबह 8 बजे जिला सर्विलांस विभाग में उपस्थिति दर्ज करानी होगी. इसके बाद सुबह 8:30 बजे सरकारी वाहन से उन्हें सीएचसी पोटका भेजा जायेगा. जहां से माइक्रोप्लान के तहत अलग-अलग गांवों और कैंपों में उनकी तैनाती होगी. इन डॉक्टरों को न सिर्फ मरीजों का इलाज करना और जागरुकता फैलाना है. बल्कि गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें तुरंत सीएचसी पोटका रेफर भी करना होगा. इधर जिला कार्यक्रम समन्वयक ने सहिया, सहिया साथी, बीटीटी और एसटीटी को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों के हर बुखार पीड़ित मरीज को कैंप या आरोग्य मंदिर तक पहुंचाना सुनिश्चित करें. पोटका के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को एमपीडब्ल्यू की मदद से तीन प्रचार वाहनों के संचालन और डॉक्टरों के दोपहर के भोजन की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है.
ये डॉक्टर पोटका में संभालेंगे मोर्चा
डॉ. फटिक पाल, डॉ. लक्ष्मी हेंब्रम, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. आफताब आलम खान, डॉ. रणवीर पाठक, डॉ. अमित कुमार, डॉ. अभिलाषा शर्मा, डॉ. नूतन कच्छप, डॉ. लवली आनंद, डॉ. पंकज दास, डॉ. इमादुल्लाह, डॉ. रोमी महतो, डॉ. इमरान खान, डॉ. बिपिन कुमार, डॉ. साजिद अनवर, डॉ. सौरभ मल्लिक, डॉ. रविंद्रनाथ टुडू, डॉ. शिवशंकर मुर्मू, डॉ. विशाल केसरी और डॉ. रोहित कुमार शामिल हैं.
