गालूडीह : जंगल से निकलकर दो लंगूर मंगलवार को गालूडीह क्षेत्र की खड़िया कॉलोनी के पास पहुंच गये. दोनों लंगूर कभी पेड़ों पर तो कभी घरों की छत और आसपास के खाली स्थानों पर घूमते नजर आये. अचानक गांव में पहुंचे लंगूरों को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गयी. कई लोग घरों से बाहर निकलकर उन्हें देखने लगे, वहीं कुछ ग्रामीण छोटे बच्चों को बाहर भेजने से बच रहे हैं. लंगूरों की मौजूदगी से इलाके में कौतूहल के साथ लोगों में दहशत भी बनी हुई है.
पेड़ों से छत तक, कभी यहां तो कभी वहां दिख रहे लंगूर
ग्रामीणों के अनुसार, दोनों लंगूर लगातार अपना स्थान बदल रहे हैं. कभी वे पेड़ों पर बैठे नजर आते हैं तो कभी घरों की छत या खाली जगहों पर घूमते दिखाई देते हैं. उनके अचानक गांव में पहुंचने से खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर लोग सतर्क हैं. हालांकि, अब तक दोनों लंगूरों द्वारा किसी व्यक्ति पर हमला करने या किसी तरह का नुकसान पहुंचाने की सूचना नहीं है.
कोई दे रहा केला-अमरूद, कोई मान रहा हनुमानजी का रूप
लंगूरों को लेकर गांव में अलग-अलग तरह की चर्चा भी हो रही है. कुछ ग्रामीण इन्हें हनुमानजी का रूप मान रहे हैं. ऐसे लोग लंगूरों को केला, सेब, अमरूद समेत अन्य फल खाने के लिए दे रहे हैं. इसके कारण दोनों लंगूरों के आसपास लोगों की भीड़ भी जुट रही है. लोग काफी देर तक उन्हें देखते रहे और उनके वीडियो भी बनाते नजर आये.
वन विभाग से सुरक्षित जंगल में पहुंचाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि लंगूरों के गांव में रहने से किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं. ग्रामीणों ने वन विभाग से दोनों लंगूरों पर नजर रखने और उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर भेजने की व्यवस्था करने की मांग की है. फिलहाल दोनों लंगूरों की मौजूदगी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.
