वरीय संवाददाता, जमशेदपुर मलेरिया नियंत्रण अभियान में लापरवाही पर पोटका के प्रभारी चिकित्सक के निलंबन के बाद अब सदर अस्पताल के डॉ अमित कुमार और डॉ कमलेश कुमार को विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. वहीं, इस मामले की जांच के लिए उपायुक्त राजीव रंजन ने एडीसी अनुराग तिवारी, धालभूम एसडीएम अर्नव मिश्रा और सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल की तीन सदस्यीय टीम गठित की थी. जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, संबंधित कर्मियों के बयान और स्थल निरीक्षण के आधार पर पाया कि डॉ अमित कुमार ने कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही बरती.
रिपोर्ट के अनुसार, रात में भर्ती एक गंभीर बच्ची की हालत से नर्स द्वारा अवगत कराने के बावजूद वे सुबह तक उसे देखने नहीं पहुंचे. इस आधार पर दोनों चिकित्सकों से जवाब तलब किया गया है और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है. सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि मलेरिया नियंत्रण अभियान के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही भी तय की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. अब तक पोटका के प्रभारी चिकित्सक डॉ रजनी महाकुड़ को निलंबित किया जा चुका है. इसके अलावा 11 चिकित्सकों और दो एएनएम को शोकाॅज नोटिस जारी किया गया है, जबकि एक सहिया को हटाने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन ने पोटका में अवैध रूप से संचालित एक निदान क्लीनिक को बंद करा दिया है. वहीं, मानव बंधु क्लीनिक, मनसा भक्त क्लीनिक और राजाबाला क्लीनिक (शंकरदा) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मलेरिया से जुड़े हर मामले की गहन जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
