Jamshedpur News : मौजूदा हालात में तकनीक का इस्तेमाल करना ही होगा : नरेंद्रन

Jamshedpur News : मौजूदा हालात में तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कंपनी को आगे ले जाना होगा. अभी सबसे ज्यादा जरूरी है कि कंपनी को कैसे बचाया जाये.

कंपनी कैसे बचे, इस पर ज्यादा फोकस करें ट्रेड यूनियन

इंडियन नेशनल स्टील, मेटल, मेटल माइंस एंड इंजीनियरिंग इम्प्लाइज फेडरेशन की बैठक का अंतिम दिन, इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की शिरकत

Jamshedpur News :

मौजूदा हालात में तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कंपनी को आगे ले जाना होगा. अभी सबसे ज्यादा जरूरी है कि कंपनी को कैसे बचाया जाये. जब कंपनी बचेगी और आगे बढ़ेगी, तभी कर्मचारियों की नौकरी भी बचेगी और सुविधाएं भी बढ़ेंगी. अभी ट्रेड यूनियन के नेताओं को जरूरी है कि मौजूदा हालात से मजदूरों और साथियों को अवगत करायें, ताकि समस्या का निराकरण किया जा सके. उक्त बातें टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने कही. नरेंद्रन इंडियन नेशनल स्टील, मेटल, मेटल माइंस एंड इंजीनियरिंग इम्प्लाइज फेडरेशन की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक के अंतिम दिन मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे. इस मौके पर इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी भी मौजूद थे. इस मौके पर तकनीक के साथ कंपनियों और रोजगार को बचाने के बारे में चर्चा की गयी.

बैठक के दूसरे दिन कार्यक्रम की अध्यक्षता टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड सर्विस यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय ने की. वहीं, इस मौके पर इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ संजय सिंह, राजशेखर मंत्री, चंद्रप्रकाश सिंह, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह, जेसीएपीसीपीएल वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह, इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी की पत्नी पदमा गोंगाला, टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन की पत्नी रुचि नरेंद्रन समेत टाटा स्टील के विभिन्न अधिकारी मौजूद थे.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी ने बेबाकी से अपनी बातों को रखा. श्री रेड्डी ने कहा कि आज जरूरत है कि बाहरी ताकतों को रोकने के लिए ट्रेड यूनियन और मैनेजमेंट के बीच का रिलेशन बेहतर हो. मजदूर-मालिक के बीच विवाद पहले होता था, लेकिन अब इंडस्ट्रियल रिलेशन बढ़ा है. इंडस्ट्रियल रिलेशन बेहतर होने से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनियों को कामयाबी मिली है. मार्केटिंग, प्रोडक्टिविटी, प्रोडक्शन देखना मैनेजमेंट का जितना काम है, उतना ही यूनियनों का भी काम है. इंडस्ट्रियल पीस सबसे ज्यादा जरूरी है. बेहतर रिश्ता होने से जॉब गारंटी के साथ ही रोजगार भी सृजित होंगे. उन्होंने कहा कि आज यूनियनों में एकजुटता जरूरी है. एकजुटता होने से ही बेहतर बातचीत होगा और कांट्रैक्ट लेबर को भी उनका हक दिला पायेंगे. टाटा स्टील और टाटा समूह में चल रही यूनियनों को उन्होंने एक आदर्श बताया और कहा कि इसका अनुकरण पूरे देश की कंपनियों में किया जाना चाहिए.

टाटा स्टील मैनेजमेंट और यूनियन में आपसी संबंध बहुत बेहतर

मौके पर टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा कि टाटा स्टील और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच रिश्ता ऐतिहासिक है. वर्तमान में सबसे ज्यादा जरूरी है कि तकनीक का इस्तेमाल किया जाये. अपने कार्यों को और बेहतर किया जा सके, ताकि देश और दुनिया में कंपनी टिक सके. अगर ऐसा नहीं होता तो आज 118 साल बाद कंपनी इतनी मजबूती से खड़ी नहीं रहती. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील मैनेजमेंट और यूनियन के आपसी सौहार्द और आगे बढ़ने की समान सोच ही है कि सौ साल से किसी तरह का कोई स्ट्राइक नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में आम मजदूरों तक यूनियनों को यह संदेश पहुंचाना जरूरी है कि चीन किस तरह से नुकसान पहुंचा रहा है, जियो पॉलिटिकल स्थिति कैसी है. कार्बन उत्सर्जन में कैसे कमी लायी जा सकती है. उन्होंने यहां बताया कि टाटा स्टील भिवंडी में इलेक्ट्रॉनिक मेटल की रिकवरी सेंटर विकसित की है. स्क्रैप से स्टील कैसे बनाया जा सकता है, कोक का इस्तेमाल कैसे कम किया जा सकता है, इस पर फोकस करना होगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में विदेशों की तरह भारत में भी कार्बन टैक्स लग सकता है. इसको लेकर मानसिक तौर पर तैयार रहना होगा. तकनीक हमेशा बदलेगा, जिसके साथ हम लोगों को चलना होगा. 1988 में टाइपिस्ट की नौकरियां होती थी, जब हम टाटा स्टील में ज्वाइन किये थे. अब वह सारी व्यवस्था समाप्त हो गयी. लिहाजा, तकनीक का इस्तेमाल कर हम सबको आगे जाने की जरूरत है. इसमें ट्रेड यूनियनों की महत्वपूर्ण भूमिका है.

टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष ने बोनस के मुद्दे पर मैनेजमेंट के अधिकारियों को दिये संकेत

टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने धन्यवाद ज्ञापन के दौरान बोनस और वेज एग्रीमेंट को लेकर भी बातों को रखा. उन्होंने कहा कि एआइ बड़ी चुनौती है. 8 करोड़ नौकरियां जायेंगी. लेकिन 17 करोड़ नौकरियां भी नये सिरे से आयेगी. लिहाजा, बदलाव को अब आत्मसात करना होगा. उन्होंने कहा कि अभी आने वाला समय बोनस और वेज एग्रीमेंट का है. लिहाजा, मैनेजमेंट हमेशा से जिस तरह से मजदूरों के प्रति उदार रही है, वैसा ही उदार इस बार भी रहेगी, ऐसी उम्मीद है.

टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष शहनवाज आलम सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरेट की उपाधि लेने पर टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष शहनवाज आलम को सम्मानित किया गया. इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी और टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन ने उनका अभिनंदन किया.

इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीवा रेड्डी और टाटा स्टील के एमडी का अभिनंदन

इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी और टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन का भव्य स्वागत किया गया. यूथ इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री और टाटा वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव नितेश राज के नेतृत्व में उनका अभिनंदन किया गया. इस दौरान एमडी को आदिवासी टोपी पहनायी गयी. वहीं, जोरदार नारेबाजी के साथ उनका अभिनंदन किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: RAJESH SINGH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >