जमशेदपुर : टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस मनाया गया. टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट जमशेदपुर ऑपरेशन चैतन्य भानू ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को फहराया. इस मौके पर स्वतंत्रता दिवस परेड की सलामी ली. कंपनी के सुरक्षाकर्मियों व एसआईंएसएफ के जवानों के परेड का निरीक्षण किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा - 'विकसित भारत' का निर्माण करने के लिए सतत आर्थिक वृद्धि, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, गुणवत्तापूर्ण रोजगार, तकनीकी क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा की आवश्यकता होगी. टाटा स्टील का विजन पिछले एक शतक से भी अधिक समय से इसी लक्ष्य से जुड़ा रहा है. उन्होंंने कहा - पिछला वित्तीय वर्ष उद्योग के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा. चीन से रिकॉर्ड निर्यात के कारण कीमतों पर दबाव रहा. वहीं, अमेरिकी टैरिफ से यूरोपीय बाजारों में निर्यात प्रभावित हुआ. पश्चिम एशिया के संघर्ष से आपूर्ति श्रृंखला और इनपुट कॉस्ट में अनिश्चितता बढ़ी. इसका असर चालू वित्तीय वर्ष पर भी है. चैतन्य भानू ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बावजूद भारत में विकास की संभावनाएं अपार हैं. टाटा स्टील देश की इस विकास यात्रा में भागीदारी के लिए दीर्घकालिक निवेश कर रही है.
कलिंगनगर और जमशेदपुर में बड़ा निवेश होगा
वीपी चैतन्य भानू ने कहा कि कंपनी की विस्तार योजनाओं पर काम चल रहा है. टाटा स्टील बोर्ड ने नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईंएनएल) में 34,000 करोड़ रूपये के अनुमानित निवेश से 4.8 मिलियन टन विस्तार को मंजूरी दी है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर को मजबूती मिलेगी. तकनीक और डाउनस्ट्रीम प्रोजेक्ट्स के जरिए जमशेदपुर में वर्ष 2028 तक 10,000 करोड़ रूपये का निवेश किया जाएगा. इससे लगभग 2,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे. श्री भानू ने कहा कि लुधियाना में 100 फीसदी स्क्रैप-आधारित स्क्रैप इएएफ की शुरुआत की गई है, जबकि जमशेदपुर में टिनप्लेट विस्तार और कॉम्बी मिल जैसी परियोजनाएं गति पर हैं.
860 से ज्यादा AI मॉडल से स्मार्ट हो रहे ऑपरेशन
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए तकनीक और डेटा के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है. चैतन्य भानू ने बताया कि टाटा स्टील ने 860 से अधिक एआईं (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) मॉडल तैनात किए हैं. इनसे कंपनी के उत्पादन, सुरक्षा और परिचालन दक्षता में बड़ा सुधार आया है.
ग्रीन स्टील और 2045 तक 'नेट जीरो' का लक्ष्य
वाइस प्रेसिडेंट चैतन्य भानू ने कहा कि पर्यावरण और निरंतरता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि टाटा स्टील वर्ष 2045 तक 'नेट जीरो' उत्सर्जन का लक्ष्य लेकर चल रही है. जमशेदपुर में इजीमेल्ट तकनीक और 1 मिलियन टन हिसारना डेमो प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जो कम कार्बन उत्सर्जन वाले इस्पात निर्माण का नया रास्ता खोलेगा. श्री भानू ने बताया कि यूके (पोर्ट टालबॉट) में 3.2 मिलियन टन इएएफ का निर्माण जारी है और नीदरलैंड सरकार के साथ 'ग्रीन स्टील प्लान' पर काम चल रहा है.
69 लाख लोगों तक पहुंची सीएसआर की रोशनी, खेलों में नई पहचान
टाटा स्टील की सामाजिक प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के सीएसआर कार्यक्रमों से देश भर के 69 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी कंपनी अग्रणी भूमिका निभा रही है. 5 विश्वस्तरीय खेल अकादमियों, टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन और 16 ट्रेनिंग सेंटरों के जरिए 19 खेल विधाओं में जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को तराशा जा रहा है. उन्होंने कर्मचारियों के कौशल विकास (अपसकिलिंग व रिसकिलिंग ) पर जोर देते हुए कहा कि नई पीढ़ी और नई तकनीक ही भविष्य तय करेगी. टाटा स्टील सिर्फ इस्पात निर्माण नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत (विकसित भारत) के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है. इस मौके पर काफी संख्या में टाटा स्टील के अधिकारी औऱ कर्मचारी मौजूद थे.
