jamshedpur news : रेलवे क्षेत्र में हिस्सेदारी बढ़ा रही टाटा स्टील, पहिया भी बनायेगी

वंदे भारत के पहियाें को लेकर कंपनी और रेलवे में हुई वार्ता

jamshedpur news :

भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और विस्तार में टाटा स्टील की भूमिका आने वाले वर्षों में और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है. कंपनी केवल स्टील आपूर्ति तक सीमित न रहकर अब हाई-टेक कोच इंटीरियर, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स समाधानों में भी निवेश कर रही है. वहीं, टाटा स्टील भविष्य में वंदे भारत जैसी ट्रेनों के लिए कम घिसाव वाले पहियों के निर्माण पर भी विचार कर रही है. इसको लेकर रेलवे के साथ बातचीत हुई है. इससे पहले टाटा स्टील ने वंदे भारत एक्सप्रेस की 22 ट्रेनों के लिए सीटिंग सिस्टम और इंटीरियर पैनलिंग की आपूर्ति का बड़ा अनुबंध हासिल किया है. कंपनी कोच निर्माण में स्टील के स्थान पर फाइबर रिइन्फोर्स्ड पॉलीमर (एफआरपी) का उपयोग कर रही है, जो हल्का, जंगरोधी और अधिक सुरक्षित माना जाता है. वहीं, टाटानगर में 384 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो रेलवे और टाटा स्टील के बढ़ते सहयोग का संकेत है.

टाटा स्टील और दक्षिण पूर्व रेलवे ने ””टाटा एग्रीटो”” और ””टाटा निर्माण”” जैसे स्लैग-आधारित एग्रीगेट्स का उपयोग करके रेलवे ट्रैक की परतें (ब्लैंकेटिंग लेयर) बनाने के लिए साझेदारी की है. यह पहल प्राकृतिक संसाधनों के खनन को कम करने और कार्बन फुटप्रिंट को घटाने में मदद करती है. टाटा स्टील रेलवे की विशेष मालगाड़ी परिचालक (एसएफटीओ) योजना के तहत अपने स्वयं के रैक का उपयोग कर रही है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होती है. टाटा स्टील की बनायी पटरियों का उपयोग आज भी ब्रिटेन के रेलवे नेटवर्क में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, जो इसकी इंजीनियरिंग गुणवत्ता का प्रमाण है. कंपनी अपनी बाजार हिस्सेदारी को 15 – 20 फीसदी से बढ़ाकर 25 से 30 करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें रेलवे क्षेत्र की अहम भूमिका होगी.

हाई स्पीड परियोजना में भी अहम योगदान

मुंबई से अहमदाबाद के बीच भारत की पहली 508 किलोमीटर लंबी हाई स्पीड पैसेंजर रेलवे लाइन का निर्माण हो रहा है. इसमें टाटा स्टील ग्लोबल वायर्स इंडिया ने 4200 टन सुपर स्ट्रक्चर वाले लो रिलैक्सेशन प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट (एलआरपीसी स्टील ) स्टैंड्स की आपूर्ति की है. टाटा स्टील प्रबंधन के अनुसार, एलआरपीसी स्टैंड्स का उपयोग प्रीस्ट्रेस्ड टेक्नोलाॅजी द्वारा तैयार किया गया है, जो मजबूती के साथ ही कंक्रीट की खपत व लागत को 15 प्रतिशत को कम करेगा. इस स्टील के उपयोग से प्रोजेक्ट पूरा होने का समय और मैनपावर में भी 20-20 प्रतिशत की बचत होगी. साथ ही प्रोजेक्ट निर्माण की गति में भी 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी. मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड पैसेंजर रेलवे लिंक के निर्माण होने के बाद यात्रा का समय छह घंटे कम हो जायेगा. इस प्रोजेक्ट में टाटा स्टील ग्लोबल वायर्स लिमिटेड की 65 प्रतिशत की हिस्सेदारी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AKHILESH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >