जमशेदपुर : टाटा कमिंस जमशेदपुर प्लांट में 1 अप्रैल 2026 से लंबित 755 कर्मचारियों के वेतन समझौते और एसोसिएट ग्रोथ प्लान (एजीपी) को लेकर सरगर्मी तेज हो गयी है. सोमवार को कमिंस इंडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) नितिन जिराफे, एचआर हेड पल्लवी देसाई और मैन्यूफैक्चरिंग डायरेक्टर रोबिन मथाई जमशेदपुर पहुंचे. यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने शीर्ष प्रबंधन से मुलाकात कर वेज रिवीजन में हो रही देरी पर चिंता जतायी. यूनियन ने मांग की कि कर्मचारियों के हित में अनिश्चितता की स्थिति जल्द समाप्त की जाये.
दोनों पक्षों में निर्णायक वार्ता होने की संभावना
मंगलवार सुबह दोनों पक्षों के बीच निर्णायक वार्ता होने की संभावना है. कमिंस में वर्ष 2022 से लागू एजीपी को लेकर समान काम और ग्रोथ में अंतर के कारण कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति है. यूनियन ने मांग की कि पिछले समझौते की वेतन विसंगतियों को दूर कर संरचना में समानता लायी जाये. हालांकि, प्रबंधन इसमें बड़े बदलाव के पक्ष में नहीं दिख रहा है. दूसरी ओर, यूनियन के विपक्षी गुट का कहना है कि वर्ष 2022 के समझौते में 18,000 की बढ़ोतरी, डीए, नाइट शिफ्ट अलाउंस, लीव नियम और सर्विस अवॉर्ड्स में बड़े लाभ दिलाये गये थे.
प्लांट में दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय पर चर्चा
दूसरी ओर, प्लांट के दौरे के दौरान एमडी नितिन जिराफे ने सेफ्टी प्वाइंट लीडरों के साथ सुरक्षा आंकड़ों पर समीक्षा बैठक की. दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की.
