दिनभर रेलवे ट्रैक और नदी के बीच जंगल-झाड़ियों में दौड़ता रहा हाथी, तीन किमी में घटी ट्रेनों की रफ्तार

गालूडीह के धातकीडीह गांव में झुंड से बिछड़ा एक जंगली हाथी घुस आया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई. रेलवे ने एहतियातन ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी है. वन विभाग हाथी को आबादी क्षेत्र से बाहर निकालने के प्रयास में जुटा है.

गालूडीह : झुंड से बिछड़ा एक जंगली हाथी मंगलवार सुबह धातकीडीह गांव पहुंच गया. हाथी दिनभर पाथरडीह क्षेत्र में रेलवे ट्रैक और सुवर्णरेखा नदी के बीच जंगल-झाड़ियों में घूमता रहा. वन विभाग की सूचना पर रेलवे ने एहतियातन तीन किमी के क्षेत्र में ट्रेनों की रफ्तार घटा दी. वहीं, दूसरी ओर हाथी की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में रहे. वन विभाग ने गालूडीह स्टेशन को सूचना दी. इसके बाद रेल विभाग ने हाथी की मौजूदगी वाले क्षेत्र के आगे और पीछे करीब तीन किलोमीटर तक ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी है.

दिनभर वन विभाग की टीम को छकाता रहा हाथी

हाथी के गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही वनपाल संजय दास वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे. टीम ने हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी. हाथी लगातार अपना स्थान बदलता रहा. कभी वह रेलवे ट्रैक के किनारे पहुंच जाता तो कभी जंगल-झाड़ियों में चला जाता.

हाथी को देखने उमड़ी भीड़, सूंड के धक्के से एक ग्रामीण घायल

दूसरी ओर, हाथी को देखने पहुंचे पाथरडीह गांव निवासी 50 वर्षीय खोखन सिंह को हाथी ने सूंड से धक्का मार दिया. धक्के से वह झाड़ी में गिरकर घायल हो गये. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने उन्हें तत्काल घाटशिला अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया. चिकित्सक डॉ. शंकर टुडू ने उनका प्राथमिक उपचार किया. सिर में चोट के कारण एक्स-रे कराया गया. उपचार के बाद उन्हें बेटे सोनू सिंह के साथ घर भेज दिया गया. चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर नहीं थी.

सुवर्णरेखा नदी पार कर पहुंचा हाथी, खेत पर जाने से डर रहे किसान

बताया गया कि सुवर्णरेखा नदी में पानी अधिक होने के बावजूद हाथी नदी पार कर धातकीडीह-पाथरडीह क्षेत्र में पहुंचा. झुंड से अलग होने के कारण हाथी लगातार इधर-उधर भाग रहा था. इससे ग्रामीणों के लिए खतरा बढ़ गया था. हाथी की मौजूदगी के कारण ग्रामीण जंगल और खेतों की ओर जाने से बचते रहे.

ग्रामीणों को हाथी के पास नहीं जाने की चेतावनी

दिनभर हाथी के आसपास लोगों की भीड़ लगी रही. ग्रामीणों के शोर और भीड़ के कारण हाथी के उग्र होने की आशंका बनी रही. वन विभाग ने लोगों को हाथी के करीब नहीं जाने और उसे घेरने या देखने के लिए भीड़ नहीं लगाने की चेतावनी दी. शाम में बारिश शुरू होने के बाद भीड़ कम हुई. इसके बाद हाथी जंगल की ओर चला गया. वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है और उसे सुरक्षित रूप से आबादी क्षेत्र से बाहर निकालने की कोशिश में जुटी है.

पिछले वर्ष हाथी के हमले में हुई थी मौत

धातकीडीह में हाथी के पहुंचने की घटना से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है. पिछले वर्ष भी इसी गांव में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई थी. उस समय भी हाथी कुमीरमूड़ी के जंगल से निकलकर सुवर्णरेखा नदी पार करते हुए धातकीडीह पहुंचा था. ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने और आबादी क्षेत्र में दोबारा किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है. विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथी से दूरी बनाये रखने की अपील की है.

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लेखक के बारे में

By मो. युनूस परवेज

मो. युनूस परवेज वर्ष 1995 से पत्रकारिता कर रहे हैं. उन्होंने घाटशिला महाविद्यालय और रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और राजनीतिक विज्ञान ऑनर्स की डिग्री हासिल की है. इनकी राजनीति, अपराध, नक्सलवाद, खेल, शिक्षा और खेती किसानी की खबरों में विशेष रुचि है. डिजिटल जर्नलिज्म में 5 साल का अनुभव है.

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