मुसाबनी : सुरदा माइंस में निजी सुरक्षा कर्मियों की मांगों को लेकर मंगलवार को प्रबंधन के साथ वार्ता हुई. 52 सुरक्षा कर्मियों के चार महीने के बकाये भुगतान और सरकारी न्यूनतम मजदूरी देने की मांग उठी. झारखंड कॉपर माइंस वर्कर्स यूनियन ने 12 अगस्त तक मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है. मांगें पूरी नहीं होने पर 13 अगस्त से एचसीएल और ठेका कंपनी के अधिकारियों की माइंस में एंट्री रोकने की चेतावनी भी दी गई है.
चार महीने का बकाया वेतन जल्द जारी करने की मांग
सुरदा माइंस में कार्यरत निजी सुरक्षा कर्मियों की मांगों पर मंगलवार को एचसीएल-आईसीसी प्रबंधन और ठेका कंपनी आरके अर्थ प्रबंधन के साथ वार्ता हुई. झारखंड कॉपर माइंस वर्कर्स यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष शमशेर खान के नेतृत्व में हुई वार्ता में सुरक्षा कर्मियों को सरकारी न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करने और चार महीने का बकाया वेतन जल्द जारी करने की मांग उठाई गई.
52 सुरक्षा कर्मियों के चार महीने के बकाये का मुद्दा
शमशेर खान ने कहा - सुरदा माइंस में कार्यरत 52 निजी सुरक्षा कर्मियों को चार माह का बकाया भुगतान किया जाना है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का हर हाल में अनुपालन करना होगा. उन्होंने सिक्योरिटी एजेंसी पर सुरक्षा कर्मियों के शोषण का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए संबंधित सुरक्षा एजेंसी का संविदा समाप्त करने की मांग की.
सुरदा माइंस में विवाद बढ़ने की आशंका
वार्ता के दौरान शमशेर खान ने प्रबंधन को 12 अगस्त तक मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया. चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा तक मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 13 अगस्त से सुरदा माइंस में एचसीएल के पदाधिकारियों और ठेका कंपनी आरके अर्थ के अधिकारियों के प्रवेश का विरोध किया जाएगा. इस चेतावनी के बाद सुरदा माइंस में विवाद बढ़ने की आशंका है. अब सभी की नजरें 12 अगस्त तक प्रबंधन की ओर से उठाए जाने वाले कदम पर टिकी हैं।
वार्ता में कौन-कौन रहे मौजूद
बैठक में एचसीएल की ओर से सुरदा माइंस मैनेजर अमरिंदर सिंह और अभिषेक कुमार, जबकि ठेका कंपनी की ओर से डीजीएम संजय साहू और एचआर पृथ्वी यादव मौजूद रहे. वहीं, निजी सुरक्षा कर्मियों की ओर से गणेश सिंह, कुर्बान अली, वीरेंद्र सिंह, परमेश्वर पूर्ति, विजय कुमार, पीथो माझी, राम मुमू, हराधन पातर, सोहन सिंह बानरा, सरकार मुर्मू समेत अन्य कर्मी शामिल हुए.
