धमाके जैसी आवाज, फिर गूंज उठीं बच्चों की चीखें… डिवाइडर से टकराई स्कूल वैन, 17 मासूम घायल

जमशेदपुर में चिन्मया स्कूल की बच्चों से भरी वैन डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में करीब 17 बच्चे घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. वैन चालक भी गंभीर रूप से घायल है.

जमशेदपुर: टेल्को स्थित भुवनेश्वरी मंदिर रोड में एन-111 के पास शुक्रवार को चिन्मया स्कूल के बच्चों से भरी टाटा विंगर स्कूल वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. हादसे में करीब 15 से 17 बच्चे घायल हो गए. इनमें दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. वैन चालक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है. स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल टाटा मोटर्स अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

डिवाइडर पर चढ़ी वैन, जोरदार टक्कर से फटा चैंबर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल वैन चिन्मया स्कूल के बच्चों को स्टेडियम की ओर छोड़ने के लिए जा रही थी. इसी दौरान वैन अचानक सड़क के बीच बने डिवाइडर पर चढ़ गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन का चैंबर तक फट गया. दुर्घटना की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों को यह धमाके जैसी सुनाई दी. टक्कर के बाद वैन में सवार बच्चों के बीच चीख-पुकार मच गयी. आवाज सुनकर आसपास के फ्लैटों से भी लोग बाहर निकल आए और मौके पर भीड़ जुट गयी.

घायल बच्ची

कार को बचाने के दौरान हादसा होने की बात

मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, हादसा एक कार को बचाने के प्रयास में हुआ. प्रत्यक्षदर्शी उत्तम ने बताया कि चिन्मया स्कूल की ओर से आ रही वैन के सामने अचानक एक कार आ गई. कार वैन से बिल्कुल सटते हुए निकल गई. इसके बाद चालक ने पीछे मुड़कर कार की ओर देखने की कोशिश की, इसी दौरान वैन अनियंत्रित होकर सीधे सड़क के डिवाइडर से जा टकराई.

स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल

घटनास्थल पर लोगों की भीड़

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया. वैन में फंसे और घायल बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया. गंभीर रूप से घायल दो बच्चों और चालक का इलाज चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है. घटना के बाद कुछ देर तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल रहा. दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

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लेखक के बारे में

By दशमत सोरेन

दशमत सोरेन ने रांची विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है. वे 29 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से झारखंड की आदिवासी-मूलवासी राजनीति, स्थानीय समुदायों की भाषा-संस्कृति और यहां के सामाजिक ताना-बाना है. वे वर्ष 2010 से प्रभात खबर के साथ एक ट्राइबल रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे हैं.

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