ब्लड नहीं मिलने से मरीज परेशान, एमजीएम और जमशेदपुर ब्लड बैंक पर बढ़ी निर्भरता
Jamshedpur News :
खासमहल स्थित सदर अस्पताल परिसर में संचालित ब्लड बैंक का लाइसेंस नवीकरण पिछले करीब छह माह से लंबित है. इसके कारण अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को रक्त उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. सरकारी प्रक्रिया में देरी और विभागीय लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार किसी भी ब्लड बैंक के संचालन के लिए वैध लाइसेंस आवश्यक होता है. सदर अस्पताल प्रबंधन द्वारा लाइसेंस नवीकरण के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक इसकी स्वीकृति नहीं मिल सकी है. इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी हो रही है.ब्लड के लिए एमजीएम और जमशेदपुर ब्लड बैंक जाना पड़ रहा
सदर अस्पताल से रक्त नहीं मिलने के कारण मरीजों को एमजीएम अस्पताल या जमशेदपुर ब्लड बैंक का सहारा लेना पड़ रहा है. अस्पताल में अधिकतर गरीब तबके के मरीज इलाज के लिए आते हैं. ऐसे में दूसरे अस्पतालों तक जाने में उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है.अस्पताल कर्मियों के अनुसार सदर अस्पताल में प्रतिदिन आठ से दस यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है. सदर अस्पताल और एमजीएम में मरीजों को नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है, जबकि जमशेदपुर ब्लड बैंक में प्रोसेसिंग शुल्क देना पड़ता है.
