बारिश बन रही नक्सलियों की ढाल! जानिए सुरक्षा बलों के लिए क्यों बढ़ी चुनौती...

पूर्वी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही बारिश से एंटी-नक्सल ऑपरेशन में भारी बाधा आ रही है. खराब मौसम का फायदा उठाकर नक्सली पहाड़ों में दुबक गए हैं, लेकिन सुरक्षा बल उनकी घेराबंदी और तलाश में जुटे हुए हैं.

पूर्वी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही बारिश से एंटी नक्सल ऑपरेशन में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है. मौसम के प्रतिकूल मिजाज का फायदा उठाकर नक्सली पहाड़ों में दुबक गये हैं. झारखंड-बंगाल बॉर्डर पर सुरक्षा बलों की घेराबंदी लगातार सख्त बनी हुई है. कोबरा बटालियन के जवान विपरीत परिस्थितियों और जोखिमों के बीच पहाड़ियों को लगातार खंगालने में जुटे हैं. कई दिनों से चल रहे व्यापक अभियान के बावजूद एक करोड़ के इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है.

रोक दी पानी की आपूर्ति

पुलिस ने पिछले कई दिनों से पूरे इलाके की कड़ी घेराबंदी कर नक्सलियों की रसद और पानी की आपूर्ति पर पूरी तरह रोक लगा दी है, इसके बावजूद नक्सली पहाड़ों से बाहर नहीं निकल रहे हैं. कोल्हान क्षेत्र में लगातार हो रहे नक्सलियों के सरेंडर, गिरफ्तारी और मुठभेड़ में मारे जाने के बाद संगठन अब बेहद कमजोर स्थिति में पहुंच चुका है. इसके बावजूद, इनामी नक्सली असीम मंडल अपने महज सात साथियों के साथ अब तक मोर्चे पर डटा हुआ है. वह न तो सरेंडर कर रहा है और न सुरक्षा बल अब तक उसे ढूंढ पाने में सफल हो पाये हैं. पुलिस ने विशेष तौर पर असीम मंडल को टारगेट कर ऑपरेशन तेज कर दिया है.

जान बचाने के लिए छिपे हुए हैं नक्सली : एजेंसियां

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नक्सली अब आमने-सामने की लड़ाई लड़ने की स्थिति में नहीं है. केवल अपनी जान बचाने के लिए छिपे हुए हैं, यही वजह है कि उनका सटीक लोकेशन नहीं मिल पा रहा है. दलमा से लेकर घाटशिला के बीच फैली लंबी पहाड़ी श्रृंखलाओं में असीम मंडल के छिपे होने की आशंका है, लेकिन उसका कोई पक्का सुराग हाथ नहीं लगा है. हालांकि, पुलिस का दावा है कि बंगाल और झारखंड पुलिस की संयुक्त घेराबंदी के चलते वह पहाड़ी दायरे से बाहर नहीं निकल पाया है. पुलिस पूर्व में सरेंडर कर चुके नक्सली राहुल उर्फ रंजीत पाल को साथ लेकर भी उसकी तलाश कर रही है.



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लेखक के बारे में

By भूमि शर्मा

भूमि शर्मा पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में वह मुख्य रूप से जमशेदपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों की खबरों को कवर करती हैं. इससे पहले वह एजुकेशन बीट और झारखंड बीट पर भी काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने शैक्षणिक बदलावों और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लेखन किया है।

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