जमशेदपुर: विकास की राह में सबसे बड़ी ताकत जन-भागीदारी और आपसी विश्वास पटमदा पुलिस-जनता संकल्प, भयमुक्त व समृद्ध गांवहोती है. जब कानून के रखवाले और समाज के नागरिक एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं, तो भय और अपराध के अंधेरे स्वतः समाप्त होने लगते हैं. पटमदा थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित गांवों में रविवार को कुछ ऐसा ही प्रेरक दृश्य देखने को मिला. ओपो, बटालुका, आमदापहाड़ी, जेरका, राजवाड़ा और जमडीह गांवों में पुलिस प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की साझा पहल ने ग्रामीणों के दिलों में सुरक्षा और तरक्की की नई आस जगाई है. यह जनसंपर्क अभियान केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को भयमुक्त और समृद्ध बनाने का एक ऐतिहासिक महासंकल्प बनकर उभरा है.
पुलिस ने दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया
किसी भी समाज की प्रगति के लिए पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय अनिवार्य है. इसी सोच को धरातल पर उतारने के लिए पटमदा थाना प्रभारी विष्णु चरण भोक्ता, मुखिया प्रतिनिधि रूपेण सिंह, ग्राम प्रधान खगेन सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता युधिष्ठिर महतो के नेतृत्व में एक संयुक्त शिष्टमंडल का गठन किया गया. इस टीम ने गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया. चौपालों पर हुई बैठकों में ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर है. अब ग्रामीण खुलकर अपनी बात रख रहे हैं, जिससे वर्षों पुराना संकोच और डर का माहौल समाप्त हो रहा है.
क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने में पूर्ण सहयोग का वचन दिया
क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और प्रगति की गति तेज करने के लिए शांति का वातावरण होना आवश्यक है. अभियान के दौरान ग्रामीणों से अपील की गई कि वे किसी भी तरह की असामाजिक या नक्सली गतिविधियों का समर्थन न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें. ग्रामीणों ने भी इस पहल का हृदय से स्वागत करते हुए एक सुर में क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने में पूर्ण सहयोग का वचन दिया. यह सकारात्मक बदलाव इस बात का प्रमाण है कि विकास और शांति ही किसी भी क्षेत्र का वास्तविक भविष्य है.
कुरीतियों को जड़ से मिटाने का किया आह्वान
सामाजिक बदलाव तब तक अधूरा है, जब तक हमारी युवा पीढ़ी सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त न हो. अभियान में नशे के खिलाफ एक प्रभावी अलख जगाई गई. शराब व मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने तथा शिक्षा, खेलकूद और रचनात्मक कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया. इसके साथ ही बाल विवाह, अशिक्षा, अंधविश्वास और घरेलू हिंसा जैसी कुरीतियों को जड़ से मिटाने का आह्वान किया गया.
ग्रामीण व प्रशासन के बीच मजबूत होता रिश्ता ला रहा खुशहाली
पटमदा की यह पहल साबित करती है कि जब संवाद का द्वार खुलता है, तो बड़ी से बड़ी चुनौतियां आसान हो जाती हैं. पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की यह एकजुटता पटमदा के गांवों को एक सुरक्षित, शिक्षित और नशामुक्त भविष्य की ओर ले जाने का काम करेगी. ग्रामीण और प्रशासन के बीच मजबूत होता यह रिश्ता आने वाले दिनों में क्षेत्र में खुशहाली और तरक्की का नया सूर्योदय करेगा.
