जमशेदपुर : बिष्टुपुर सीएच एरिया के युवा उद्यमी कैरव गांधी अपहरण के मामले में जब्त की गयी स्कॉर्पियो के मालिक मोहन प्रसाद को मंगलवार को हाई कोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत से जमानत मिल गयी है. बचाव पक्ष से अधिवक्ता प्राण प्रणय ने कोर्ट में पैरवी की है. पटना निवासी मोहन प्रसाद फिलहाल घीघीडीह जेल में हैं. बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्राण प्रणय ने बताया - पुलिस ने मोहन प्रसाद की टीआइ परेड नहीं करायी थी. पुलिस की इसी लापरवाही के कारण स्कॉर्पियो मालिक मोहन प्रसाद को हाई कोर्ट से जमानत मिल गयी.
अपराधियों ने पुलिस की वर्दी में किया था अपहरण
मालूम हो कि गत 13 जनवरी को बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी युवा उद्यमी कैरव गांधी की घर से कुछ दूरी पर कदमा-सोनारी लिंक रोड से अपराधियों ने पुलिस की वर्दी में अपहरण कर लिया था. अपहरण के 13 दिनों बाद पुलिस ने कैरव गांधी को बरामद किया था. इस मामले में पुलिस ने मोहम्मद इमरान, रमीज रजा, उपेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, गुड्डू सिंह, मनप्रीत सिंह,अमरिंदर सिंह, गुरदीत शेर सिंह, संतोष कुमार, राजकरण यादव और मोहन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. जिस स्कॉर्पियो से अपहर्ताओं ने कैरव गांधी का अपहरण किया था, वह मोहन प्रसाद की थी. पुलिस ने मोहन को पटना से गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
अमरेंद्र सिंह और गुरदीत शेर सिंह की जमानत पर सुनवाई आज
इधर, कैरव गांधी अपहरण केस में कोलकाता से गिरफ्तार किए गए गुरदीत शेर सिंह और अमरिंदर सिंह की जमानत पर बुधवार को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश दो की अदालत में सुनवाई होगी. मंगलवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता योगराज श्रीवास्तव ने दोनों की जमानत अर्जी दाखिल की है.
