वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार के तत्वावधान में शुक्रवार को बिरसा मुंडा टाउन हॉल, सिदगोड़ा में दिव्यांगजनों के लिए मोबाइल कोर्ट सह जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया. विशेष शिविर में एक ही छत के नीचे दिव्यांगजनों की समस्याओं को सुना गया और उनका त्वरित समाधान किया गया. कार्यक्रम में राज्य निशक्तता आयुक्त कीर्ति श्री, उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, विभिन्न विभागों के अधिकारी, एनजीओ प्रतिनिधि, सीएसआर पार्टनर सहित दिव्यांगजन उपस्थित थे. शिविर में यूआइडी कार्ड, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, कानूनी सहायता और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाये गये. जहां लाभुकों को परामर्श व जानकारियां दी गयी. साथ ही पात्र लाभुकों के बीच आवश्यक सहायक उपकरणों का वितरण भी किया गया, ताकि उनके दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाया जा सके.
आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी प्राथमिकता : कीर्ति श्री
राज्य निशक्तता आयुक्त कीर्ति श्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को एक ही मंच पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. ताकि उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें. उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल सरकारी सहायता तक सीमित रखना उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी प्राथमिकता है.
समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित कर रहा प्रशासन : डीडीसी
उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने कहा कि प्रशासन दिव्यांगजनों तक समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित कर रहा है. ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे. कार्यक्रम के अंत में टाटा स्टील फाउंडेशन और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने समावेशी सोच, बैरियर-फ्री वातावरण विकसित करने तथा शिक्षा व रोजगार तक समान पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया.
