वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में वेतन भुगतान में हो रही देरी को लेकर गुरुवार को सीनियर रेजीडेंट (एसआर) डॉक्टरों ने अधीक्षक कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया. डॉ राघवेंद्र के नेतृत्व में पहुंचे डॉक्टरों ने कहा कि अधिकांश एसआर का एक महीने, जबकि कुछ का तीन महीने तक का वेतन बकाया है. उन्होंने चेतावनी दी कि समय पर वेतन नहीं मिलने पर काम जारी रखना मुश्किल होगा. वहीं, अस्पताल अधीक्षक डॉ बलराम झा ने स्पष्ट किया कि फंड उपलब्ध होते ही नियमित ड्यूटी करने और बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले डॉक्टरों का वेतन जारी कर दिया जायेगा. वहीं, ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वालों पर 'नो वर्क, नो पे' का नियम लागू होगा.
उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपस्थिति और कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी की जा रही है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी. अधीक्षक के इस जवाब के बाद डॉक्टरों और प्रबंधन के बीच काफी देर तक बहस और हंगामा चलता रहा. इस दौरान अधीक्षक ने दोहराया कि अस्पताल में अब नयी और सख्त व्यवस्था लागू की जा चुकी है. वे खुद प्रतिदिन विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं और ड्यूटी से अनुपस्थित पाये जाने वाले के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. वहीं, डॉ राघवेंद्र ने कहा कि सभी डॉक्टर पूरी निष्ठा के साथ मरीजों के इलाज में लगे हैं. ऐसे में समय पर वेतन न मिलना हमारे अधिकारों का हनन है.
