दूसरे स्कूलों में एडमिशन लेने में छात्रों को हो रही परेशानी
Jamshedpur News :
जैक की लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर सूबे के लाखों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. मैट्रिक की बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन काउंसिल अब तक छात्रों को उनका मूल अंक पत्र उपलब्ध कराने में नाकाम रहा है. इस देरी के कारण राज्यभर के छात्र मानसिक रूप से परेशान हैं. मूल अंक पत्र नहीं मिलने का सबसे बड़ा असर 11वीं के दाखिले पर पड़ रहा है. स्कूल बदलने या फिर जिले से बाहर जाकर पढ़ाई करने की चाह रखने वाले छात्रों के सामने नो एडमिशन की स्थिति पैदा हो गयी है. दूसरे स्कूल या कॉलेजों में 11वीं में दाखिले के लिए अंक पत्र, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, अनिवार्य दस्तावेज होते हैं. जैक द्वारा मार्कशीट नहीं दिये जाने के कारण छात्रों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं मिल रहा है. ऑरिजनल डॉक्यूमेंट के अभाव में स्कूल टीसी जारी नहीं कर रहे हैं. नतीजतन, कई प्रतिष्ठित स्कूलों में एडमिशन फॉर्म भरने और चयन होने के बाद भी छात्र अंतिम रूप से दाखिला नहीं ले पा रहे हैं.राहत सिर्फ उन्हें, जिन्होंने नहीं बदला स्कूल
जिन स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई एक साथ होती है, वहां के छात्रों को अस्थायी रूप से 11वीं में प्रमोट कर कक्षाएं शुरू कर दी गयी है. हालांकि, अंकपत्र की चिंता उन्हें भी सता रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल जैक ने मार्कशीट छापने वाली पुरानी प्रिंटिंग एजेंसी को बदलकर एक नयी एजेंसी को काम सौंपा है. इससे भी देरी हो रही है.वर्जन…
यह बात पूरी तरह सही है कि इस बार मार्कशीट तैयार करने में उम्मीद से अधिक देरी हुई है. लेकिन अब यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है. छात्रों को घबराने या परेशान होने की जरूरत नहीं है. बहुत जल्द सभी मार्कशीट जिला शिक्षा कार्यालय के माध्यम से सभी स्कूलों को भेज दिया जायेगा.
