Maiya Samman Yojana: 3 किस्त के बाद नहीं मिला मंईयां सम्मान, पेंशन के लिए भी बैंक-प्रखंड के चक्कर काट रही महिलाएं

Maiya Samman Yojana: हेमंत सोरेन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत के 3 के बाद पूर्वी सिंहभूम की महिलाओं को इसके पैसे नहीं मिल रहे हैं. कुछ बुजुर्ग महिलाएं भी हैं, जिनको वृद्धा या विधवा पेंशन के पैसे नहीं मिल रहे. सभी प्रखंड कार्यालय आती हैं, लेकिन यहां कोई जवाब नहीं मिलता. कहा जाता है कि बैंक जाइए. जिला परिषद सदस्य के गांव की भी महिलाओं के साथ यह समस्या है. आखिर महिलाएं क्या करें.

Maiya Samman Yojana|Pension Scheme: झारखंड की सबसे लोकप्रिय योजना ‘झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ और पेंशन योजना के लिए पूर्वी सिंहभूम की महिलाएं परेशान हैं. किसी को मंईयां सम्मान योजना के 2500 रुपए नहीं मिल रहे, तो कोई पेंशन योजना के लिए बैंक और प्रखंड कार्यालय के चक्कर काट रहीं हैं.

घाटशिला प्रखंड कार्यालय ने कहा- सर्वर डाउन है, बैंक जायें

घाटशिला प्रखंड कार्यालय में रोजाना किसी न किसी क्षेत्र की महिलाएं मंईयां सम्मान योजना और पेंशन से जुड़ीं समस्याएं लेकर आ रहीं हैं. बुधवार को आधा दर्जन वृद्धा व विधवा प्रखंड कार्यालय पहुंचीं. उन्हें कर्मचारियों ने यह कहकर लौटा दिया कि सर्वर डाउन है.

Maiya Samman Yojana: बुजुर्ग महिलाएं हुईं परेशान

कई बुजुर्ग महिलाएं वृद्धा व विधवा पेंशन के बारे में जानकारी लेना चाह रहीं थीं. प्रखंड के कर्मचारियों ने कहा कि बैंक में जाकर पता लगाइए. यहां पर सर्वर डाउन है. इन बुजुर्ग महिलाओं को समझ नहीं आ रहा था कि वे क्या करें. तभी उन्हें वहां जिला परिषद की सदस्य देवयानी मुर्मू दिखीं.

जिला परिषद सदस्य ने कहा- डीसी से करूंगी बात

सभी महिलाएं देवयानी मुर्मू के पास पहुंचीं और अपनी समस्या के बारे में उन्हें बताया. जिला परिषद सदस्य ने कहा कि उनके गांव में भी कई महिलाओं को वृद्धा व विधवा पेंशन के साथ-साथ मंईयां सम्मान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. इस मामले में वह उपायुक्त से बात करेंगी. तभी कुछ स्पष्ट होगा.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

3 किस्त मिलने के बाद नहीं मिला मंईयां सम्मान का पैसा

बड़ाजुड़ी की विधवा फूलमनी सिंह, बेड़ाहातू की आरती महतो, घाटशिला कृष्ण नगर की गीता देवी, आचार्य धरमबहाल-लालडीह नवजीवन निकेतन की ईला सिंह, घाटशिला की लिपिका जामदा, काडाडूबा की सपना जामदा, चेगजोड़ा की कुमा हेम्ब्रम और बुरुडीह की बसंती मुर्मू ने संयुक्त रूप से बताया कि मंईयां सम्मान योजना की प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त की राशि उन्हें मिली. इसके बाद उनके खाते में पैसे आने बंद हो गये.

बीडीओ यूनिका शर्मा से नहीं हो सका संपर्क

महिलाओं ने कहा कि बार-बार प्रखंड कार्यालय और बैंक के चक्कर लगाने के बावजूद कहीं से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है. इससे आमजन में आक्रोश और असमंजस की स्थिति बनी हुई है. प्रभात खबर ने इस संबंध में प्रखंड की बीडीओ यूनिका शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका.

इसे भी पढ़ें

Jharkhand Weather: झारखंड में 20 जुलाई तक होती रहेगी वर्षा, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

हंटरगंज और धुरकी में हुई सबसे ज्यादा बारिश, अगले 3 घंटे में देवघर समेत 5 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट

Crime News: 22 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक गिरफ्तार, नगद और मोबाइल फोन बरामद

शिव महिमा और स्वास्थ्य : भगवान भोलेनाथ की आराधना से दूर होता है मानसिक तनाव

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >