कोवाली : कोवाली थाना क्षेत्र के बानाकाटा स्थित महाकाल ढाबा के समीप एनएच-220 के किनारे झाड़ियों में मिले सिकंदर शर्मा (30) के शव की गुत्थी पुलिस ने छह दिनों के भीतर सुलझा ली है. पुलिस जांच में प्रेम संबंध, पारिवारिक विवाद और सुपारी देकर हत्या कराने का मामला सामने आया है. मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया, जबकि एक महिला आरोपी विभा देवी घटना के बाद से फरार है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
पुलिस ने इन्हें किया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में मिंटू साव, सुंदर दास, आकाश दास और परसुराम दास शामिल हैं. पुलिस ने हत्याकांड में प्रयुक्त दो लोहे के स्क्वायर एंगल, हत्या की सुपारी के लिए दिए गये 20 हजार रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और खून के नमूने सहित अन्य साक्ष्य बरामद किये हैं.
एक सितंबर को झाड़ियों में मिला था शव
जानकारी के अनुसार किताडीह ग्वाला पट्टी स्थित साईं मंदिर के समीप रहने वाले सिकंदर शर्मा का शव एक सितंबर को कोवाली थाना क्षेत्र के बानाकाटा महाकाल ढाबा के समीप एनएच-220 किनारे झाड़ियों के बीच मिला था. घटनास्थल के पास ही उसकी मोटरसाइकिल भी खड़ी मिली थी. प्रथम दृष्टया घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया था. बाद में पुलिस जांच में हत्या की बात सामने आयी. मृतक के बड़े भाई जितेंद्र शर्मा ने कोवाली थाना में हत्या का मामला दर्ज कराया था. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी सहयोग और विभिन्न बिंदुओं पर जांच शुरू की. पूछताछ तथा मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को हत्याकांड की पूरी कड़ी जोड़ने में सफलता मिली.
प्रेम संबंध की जानकारी मिलने के बाद पति-पत्नी में होने लगा विवाद
जांच के दौरान पता चला कि सिकंदर शर्मा का बागबेड़ा निवासी विभा देवी के साथ प्रेम संबंध था. इसकी जानकारी विभा देवी के पति मिंटू साव को हो गयी थी. इसके बाद दोनों पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा. इसी विवाद के बाद मिंटू साव और विभा देवी ने मिलकर सिकंदर शर्मा की हत्या की योजना बनायी. मिंटू साव ने सिकंदर शर्मा की हत्या के लिए कोवाली थाना क्षेत्र के बड़ा बागलता निवासी सुंदर दास को 1.80 लाख रुपये में सुपारी दी थी. इसके एवज में उसे 20 हजार रुपये एडवांस दिये गये थे. सुंदर दास ने हत्या की योजना में बड़ा बागलता निवासी आकाश दास तथा इच्छापुर, आरआईटी थाना क्षेत्र निवासी परसुराम दास को भी शामिल कर लिया.
महिला ने टायलेट का बहाना बनाकर रुकवायी बाइक
जांच में सामने आये घटनाक्रम के अनुसार 31 अगस्त को विभा देवी ने सिकंदर शर्मा को बहला-फुसलाकर घूमने के लिए तैयार किया. सिकंदर अपनी बाइक से विभा देवी को लेकर निकला. दोनों बानाकाटा महाकाल ढाबा के समीप एनएच-220 पर पहुंचे. घटनास्थल के पास विभा देवी ने टायलेट जाने का बहाना बनाकर सिकंदर की बाइक रुकवायी. इसी दौरान पीछे से एक मारुति कार (जेएच-05डीएच-4751) वहां पहुंची. कार में मिंटू साव, सुंदर दास, आकाश दास और परसुराम दास सवार थे. कार से उतरने के बाद चारों ने लोहे के स्क्वायर एंगल से सिकंदर के सिर पर हमला कर दिया. गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गयी. इसके बाद आरोपियों ने शव को सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया और घटना को दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से मोटरसाइकिल को सड़क किनारे गीरा दिया. इसके बाद विभा देवी समेत सभी आरोपी कार से वहां से फरार हो गये.
तकनीकी जांच से खुलती गयी हत्या की परतें
शव बरामद होने के बाद कोवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की. तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल फोन, पूछताछ और घटनाक्रम के विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची. इसके बाद एक-एक कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो लोहे के एंगल, सुपारी की रकम में से 20 हजार रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और खून के नमूने बरामद किये हैं.
पहले भी जेल जा चुके हैं मिंटू और विभा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मिंटू साव और फरार आरोपी विभा देवी पूर्व में भी पोटका थाना क्षेत्र में जुगसलाई के एक युवक की हत्या के मामले में जेल जा चुके हैं. पुलिस के मुताबिक उस मामले में भी प्रेम संबंध, विवाद और हत्या की कड़ी सामने आयी थी. इस कारण वर्तमान हत्याकांड की जांच में पुलिस ने पुराने मामले से जुड़े पहलुओं को भी ध्यान में रखा.
पुलिस टीम के प्रयास से छह दिन में खुलासा
हत्याकांड के उद्भेदन में कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव, सब इंस्पेक्टर सिदो मुर्मू, सहदेव सिंह, गौतम कुमार एवं अजंता महतो, सहायक अवर निरीक्षक प्रमोद सिंह समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि फरार विभा देवी की तलाश जारी है.
