जेएनएसी : 6 करोड़ से 7 एजेंसियां हाईटेक मशीन व 400 सफाई मित्रों संग अप्रैल से करेगी सफाई

स्वच्छता सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाने के बाद अब जमशेदपुर (जेएनएसी) की नजरें देश के नंबर-1 पायदान पर टिकी हैं.

अभी स्वच्छता सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान है जेएनएसी, अब नंबर-1 बनने की कवायद

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– नये वित्तीय वर्ष में जेएनएसी की पूरी तरह बदल जायेगी व्यवस्था,

त्रिस्तरीय होगी सफाई की निगरानी

– सफाई मित्रों की निगरानी 15 सुपरवाइजर करेंगे, सुपरवाइजर सिटी मैनेजर को और सिटी मैनेजर विशेष पदाधिकारी को करेंगे रिपोर्ट

अशोक झा, जमशेदपुर

जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) अप्रैल से अपनी व्यवस्था बदलने जा रही है. शहर की स्वच्छता का जिम्मा अब 7 नयी एजेंसियों के पास होगा. जो अत्याधुनिक मशीनों और नयी रणनीति के साथ मैदान में उतरेंगी. जेएनएसी ने इसके लिए सालाना लगभग बजट में भी बढ़ोतरी की है. पहले लगभग 4 करोड़ से काम होता था, अब इसे बढ़ाकर 6 करोड़ रुपये कर दिया गया है. सफाई में मानवीय श्रम के साथ ही तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा. अब बड़ी मशीनों के साथ ही छोटी मैकेनाइज्ड मशीनें सड़कों पर उतरेंगी, ताकि सफाई में कोई कोताही न रहे.जेएनएसी ने नये वित्तीय वर्ष से सफाई के ढांचे को पूरी तरह बदल दिया है. त्रिस्तरीय सफाई व्यवस्था होगी. पूरे जेएनएसी क्षेत्र को सात जोन में बांटा गया है. इसमें लगभग 400 सफाई मित्र जमीन पर मोर्चा संभालेंगे. पूर्वी जोन (ए और बी) में 100, सेंट्रल जोन में 60, पश्चिमी जोन (ए और बी) में 150 और बिरसानगर जोन में 60 सफाई मित्र तैनात रहेंगे. सरकारी कार्यालयों और आवासों के लिए 30 सफाई मित्रों का एक विशेष जोन बनाया गया है. इन सफाई मित्रों की निगरानी 15 सुपरवाइजर करेंगे. सुपरवाइजर सीधे सिटी मैनेजर को और सिटी मैनेजर विशेष पदाधिकारी को रिपोर्ट करेंगे. बता दें कि जेएनएसी स्वच्छता सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे और झारखंड में पहले स्थान पर है. अब देश में पहले पायदान पर आने की मशक्कत में है.

गलियों में दौड़ेंगी छोटी मशीनें, एक कॉल पर होगा समाधान

जेएनएसी ने रणनीति बदलते हुए कम चौड़ाई वाले ब्रांच रोड के लिए विशेष छोटी मशीनें मंगवायी हैं. जेएनएसी के बेड़े में 80 ऑटो ट्रिपर, 4 जेसीबी, 2 रोड स्वीपिंग मशीन और 2 सुपर सकर मशीनें शामिल की गयी हैं. संकरी गलियों में भी अब गाड़ियां समय पर पहुंचेगी. एजेंसियों की जिम्मेदारी सिर्फ कूड़ा उठाना ही नहीं, बल्कि नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और लावारिस पशुओं के शव हटाना भी होगा.

अब देश में नंबर-1 बनने को जेएनएसी ने कसी कमर

स्वच्छता सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाने के बाद अब जमशेदपुर (जेएनएसी) की नजर देश के नंबर-1 पायदान पर टिकी है. पिछले सर्वेक्षण में 3-10 लाख की आबादी वाली श्रेणी में पूरे देश में तीसरा और झारखंड राज्य में पहला स्थान प्राप्त करने के साथ ही जमशेदपुर ने फाइव स्टार सिटी की रैंकिंग हासिल कर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी है. इस गौरव को बरकरार रखने और आगामी सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान हासिल करने के लक्ष्य के साथ जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) अपनी सफाई व्यवस्था को पूरी तरह से हाईटेक करने जा रही है. आगामी सर्वेक्षण को देखते हुए जेएनएसी ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है और नयी-नयी मशीनों को सड़कों पर उतारा जा रहा है.

बयान

जेएनएसी को सात जोन में बांटकर नयी व्यवस्था लागू की जा रही है. आम जनता डोर-टू-डोर कचरा उठाव या सफाई से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए सीधे सुपरवाइजर, सिटी मैनेजर या विशेष पदाधिकारी को शिकायत कर सकते हैं. हमारा लक्ष्य जेएनएसी को स्वच्छता के पायदान पर नंबर वन बनाना है.

– कृष्ण कुमार, उप नगर आयुक्त, जेएनएसीB

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By ASHOK JHA

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