Jamshedpur news. आजसू, निर्मल महतो और उनकी विधायकी कुर्बानी की बदौलत संभव हुआ अलग राज्य झारखंड

झारखंड आंदोलनकारी सूर्य सिंह बेसरा ने मनाई विधायक त्याग दिवस की वर्षगांठ, बताई अलग राज्य निर्माण के लिए त्याग की कहानी

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झारखंड आंदोलन की उपज रहे सूर्य सिंह बेसरा ने 12 अगस्त 1991 को बिहार विधान सभा से इस्तीफे दे दिया था. वे 17 माह तक विधायक रहे. इस दिन को वे हर साल विधायक त्याग दिवस के रूप में मनाते हैं. सर्किट हाउस में मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सूर्य सिंह बेसरा ने कहा कि बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि मेरी लाश पर झारखंड बनेगा. लालू यादव ने यह कहा था कि बिहार से यदि झारखंड अलग हो जायेगा तो लालू क्या बालू फांकेगा. कहा कि कोई अपनी छाती फाड़ कर कलेजी निकाल कर भी दे देगा तो भी अलग झारखंड संभव नहीं है. बिहार विधानसभा में झारखंड क्षेत्र विकास परिषद विधायक पारित हुआ. तब लालू प्रसाद यादव ने दोहराया कि मेरी लाश पर झारखंड बनेगा. उन्होंने भी जवाब दिया कि वे लालू प्रसाद यादव को चुनौती दे रहे हैं कि कोई रहे या नहीं रहे, एक इतिहास बनेगा, आज नहीं तो कल बनेगा, बिहार से झारखंड अलग राज्य बनेगा. इसके बाद उन्होंने सदन में इस्तीफा दे दिया. करोड़ों की रिश्वत और झारखंड राज्य के बदले परिषद का विरोध में कर उन्होंने त्यागपत्र देकर एक इतिहास रचा. झारखंड अलग राज्य निर्मल महतो के बलिदान, आजसू के उलगुलान और सूर्य सिंह बेसरा की कुर्बानी से संभव हुआ है.

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By PRADIP CHANDRA KESHAV

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