जमशेदपुर: टाटा स्टील और जापानी स्टील कंपनी निप्पन की संयुक्त उपक्रम जेसीएपीसीपीएल के कर्मचारियों को इस वर्ष बेसिक और डीए का 20 प्रतिशत बोनस मिलेगा. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रबंधन और जेसीएपीसीपीएल वर्कर्स यूनियन के बीच बुधवार को समझौता हुआ. समझौते के तहत कंपनी के 144 कर्मचारियों के बीच कुल 1,00,40,473 रुपये बोनस के रूप में बांटे जायेंगे. कर्मचारियों को औसतन 69,726 रुपये बोनस मिलेगा, जबकि अधिकतम बोनस राशि 74,859 रुपये होगी. बोनस की राशि 17 सितंबर से पहले कर्मचारियों के बैंक खातों में भेज दी जायेगी.
प्रदर्शन के आधार पर तय हुआ बोनस
बोनस समझौते के लिए कंपनी और यूनियन के बीच बोर्ड रूम में बैठक आयोजित की गयी. इसमें कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन के साथ सुरक्षा, उत्पादकता, ग्राहक संतुष्टि और कन्वर्जन कॉस्ट समेत विभिन्न मानकों पर चर्चा हुई. इन सभी क्षेत्रों में कंपनी के प्रदर्शन को बेहतर माना गया. इसका असर इस बार के बोनस समझौते में भी देखने को मिला. पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में कर्मचारियों के बीच 88 लाख रुपये बोनस के रूप में बांटे गये थे. उस समय अधिकतम बोनस 60,690 रुपये और न्यूनतम 51,360 रुपये था.
जीरो एलटीआइ रही इस साल की बड़ी उपलब्धि
कंपनी के लिए इस वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में जीरो एलटीआइ (लॉस टाइम इंजरी) शामिल रही. काम के दौरान ऐसी कोई दुर्घटना नहीं हुई, जिसके कारण कर्मचारी को कार्य से अनुपस्थित रहना पड़े. यूनियन अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ने इसे कर्मचारियों के अनुशासन, समर्पण और सतर्कता का परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि बिना किसी दुर्घटना के उत्पादन कार्य को पूरा करना पूरी टीम के लिए गर्व की बात है. सुरक्षा के क्षेत्र में कर्मचारियों के बेहतर प्रदर्शन को बोनस समझौते में भी महत्व मिला है.
प्रबंधन और यूनियन के प्रतिनिधियों ने किये हस्ताक्षर
बोनस समझौते पर प्रबंधन की ओर से एमडी कपिल मोदी, कार्यकारी निदेशक अकीहिको तनिगुची, सीएफओ प्रवीण एस. हेगड़े, सीएचआरओ विकास कुमार, जीएम सिद्धार्थ मिश्रा, जीएम किरीट बी दक्सिनी, डिवीजनल मैनेजर गौतम मुखर्जी और एडीएम तौसीफ इकबाल ने हस्ताक्षर किये. वहीं यूनियन की ओर से अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, कार्यकारी अध्यक्ष शहनवाज आलम, उपाध्यक्ष कृष्ण मोहन सिंह, महासचिव रवि कुमार, सहायक महासचिव संजीव कुमार महतो, कोषाध्यक्ष मंडापति चिरंजीवी, सलाहकार मदन लाल परदेशी निषाद तथा कमेटी मेंबर प्रद्युम्न कुमार, जी भोला नाथ और मनीष गुप्ता ने समझौते पर हस्ताक्षर किये.
