जमशेदपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट
Jamshedpur News : उम्र महज 17 साल और 12वीं का छात्र, लेकिन उसकी उपलब्धियां किसी मंझे हुए वैज्ञानिक से कम नहीं हैं. हम बात कर रहे हैं जमशेदपुर के जुगसलाई स्थित सेंट जॉन्स स्कूल के छात्र यशवर्द्धन शर्मा की, जिन्होंने एआइ की दुनिया में अपनी अनूठी पहचान बनाई है. न्यूरॉन भारत पहल के तहत अब तक वे देश भर के 6,000 से अधिक विद्यार्थियों और लोगों को एआइ की मुफ्त ट्रेनिंग दे चुके हैं. इसमें झारखंड के पलामू इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर ओडिशा और मुंबई तक में लोग शामिल हैं.
‘स्कीम सेतु’ ऐप से योजनाओं की जानकारी
यशवर्द्धन सिर्फ थ्योरी नहीं, बल्कि एआइ के व्यावहारिक उपयोग पर काम कर रहे हैं. उन्होंने सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन के लिए स्कीम सेतु एप बनाया है. इस एक एप के जरिए जिले के लोग अब एक क्लिक में जान सकते हैं कि सरकार की कौन सी योजना उनके लिए है और उसका लाभ कैसे उठाए.
मुंबई में किरण बेदी ने किया सम्मानित
एआइ के क्षेत्र में यशवर्द्धन के अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें हाल ही में 31 मई को मुंबई में आयोजित भारत 2.0 कॉन्क्लेव में यंग एआइ चेंजमेकर अवार्ड 2026 से नवाजा गया. यश के लिए यह पल और भी यादगार रहा क्योंकि उन्हें यह पुरस्कार देश की पहली महिला आइपीएस अधिकारी किरण बेदी के हाथों मिला.
एआइ एप ‘लूटलिंक’ की लांचिंग की है तैयारी
यश फिलहाल अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लूटलिंक पर काम कर रहे हैं, जिसे सितंबर के अंत तक लांच करने की तैयारी है. यह एआइ-आधारित एप पूरी तरह लोकल मार्केट पर केंद्रित होगा. यश का लक्ष्य है कि छोटे किराना स्टोर और गली-मुहल्ले के दुकानदारों को भी एआइ की शक्ति से जोड़ा जाए, जिससे वे ऑनलाइन दिग्गजों का मुकाबला कर सकें. यश की इस प्रतिभा से स्कूल की प्रिंसिपल आशु तिवारी और अन्य लोगों में काफी उत्साह है.
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