जमशेदपुर : शहर में सुवर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर में बुधवार सुबह से कमी दर्ज की जा रही है, हालांकि दोनों नदियां अब भी लाल निशान से ऊपर बह रही हैं. इसके कारण शहर के तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है और हजारों घरों में पानी घुस गया है.
खतरे के निशान से ऊपर नदियां
मानगो ब्रिज के पास सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 123.20 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (121.50 मीटर) से 1.70 मीटर अधिक है. वहीं आदित्यपुर ब्रिज के पास खरकई नदी 133.60 मीटर पर बह रही है, जो लाल निशान (129.00 मीटर) से 4.60 मीटर ऊपर है. हालांकि, मंगलवार रात की तुलना में जलस्तर का ट्रेंड नीचे आने से प्रशासन ने थोड़ी राहत महसूस की है.
एनडीआरएफ का रेस्क्यू जारी : बागबेड़ा, शास्त्रीनगर, रामजनम नगर और मानगो आदि बस्तियों में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है. प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं. इधर, कदमा क्षेत्र में डूबे युवक टीपू खान की तलाश जारी है.
मोटर पंप से जलनिकासी के निर्देश : उपायुक्त राजीव रंजन ने स्थिति की समीक्षा करते हुए जुस्को और नगर निकायों को निर्देश दिया है कि जल जमाव वाले इलाकों से मोटर पंप लगाकर तत्काल पानी निकाला जाए. जमशेदपुर अक्षेस, मानगो नगर निगम और जुगसलाई नगर परिषद को आश्रय स्थलों में भोजन, पेयजल, रोशनी और स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त रखने को कहा गया है.
सफाई और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट : पानी घटने वाले क्षेत्रों में महामारी और जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, फॉगिंग और विशेष सफाई अभियान चलाने का आदेश दिया गया है.
प्रशासन की अपील : उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों से दूर रहें, किसी प्रकार का जोखिम न लें और जरूरत पड़ने पर चिन्हित सुरक्षित आश्रय स्थलों में जाएं.
