Jamshedpur News : गांव-पंचायत में विकास के लिए जरूरी व उपयोगी योजनाओं का ही होगा चयन

Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम जिले के माइनिंग प्रभावित प्रखंडों की कुल 217 पंचायतों में विकास के लिए जरूरी योजनाओं का ही चयन होगा. योजनाओं के चयन को लेकर आगामी मार्च महीने में मुखियाओं को जिला प्रशासन प्रखंड और जिला स्तर पर प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) देगा.

जिले के माइनिंग प्रभावित 217 मुखियाओं को योजनाओं के चयन को लेकर दी जायेगी ट्रेनिंग

इस वित्तीय वर्ष में जो काम नहीं हो सकेगा, उसे अगले वित्तीय वर्ष में किया जायेगा पूरा

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पूर्वी सिंहभूम जिले के माइनिंग प्रभावित प्रखंडों की कुल 217 पंचायतों में विकास के लिए जरूरी योजनाओं का ही चयन होगा. योजनाओं के चयन को लेकर आगामी मार्च महीने में मुखियाओं को जिला प्रशासन प्रखंड और जिला स्तर पर प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) देगा. इस दौरान बताया जायेगा कि उनके पंचायत में कौन सी योजना प्रस्तावित है, किस योजना पर काम पहले होगा, किस योजना का लाभ ग्रामीण ज्यादा से ज्यादा आसानी से ले सकेंगे.

इस संबंध में डीसी अनन्य मित्तल ने बताया कि जिले में डीएमएफ्टी फंड से रोड-नाली या किसी सरकारी भवन बनाने की बजाय पंचायत में छोटी व उपयोगी योजनाओं का चयन करने पर जोर दिया गया है. डीसी ने बताया कि रोड, नाली समेत अन्य आधारभूत संरचना का निर्माण जिला के संबंधित विभाग के फंड से पूरा किया जायेगा. जबकि पंचायत में प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी काम, जलापूर्ति, अस्पताल, दवा, साफ-सफाई की योजना पर ज्यादा फोकस रहेगा. ताकि पंचायत में रहने वाले लोगों को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले. उन्होंने बताया कि चयनित योजना का कार्यान्वयन यदि किसी कारण से इस वित्तीय वर्ष में नहीं हो सकेगा, तो उसे अगले वित्तीय वर्ष में पूरा किया जायेगा. इसकी पूरी सूची पंचायत स्तर पर उपलब्ध होगी, ताकि विकास योजनाओं को पारदर्शी तरीके से धरातल पर उतारने में सहूलियत हो.

तीन स्तर पर योजनाओं की होगी स्क्रीनिंग

पंचायत में सबसे पहले ग्रामीणों को ग्रामसभा होने की सूचना दी जायेगी. ग्रामसभा में योजना के प्रस्ताव को रखा जायेगा. जहां योजना के बारे में विस्तार से बताया जायेगा. सहमति के बाद चयनित योजना की सूची प्रखंड से जिला में भेजी जायेगी. फिर डीएमएफटी न्यास बोर्ड में चयनित योजना को मंजूरी दी जायेगी.

चाकुलिया में सफेद पत्थर का अवैध खनन

चाकुलिया के एक मुखिया ने डीसी से पंचायत में सफेद पत्थर के अवैध खनन और धंधा करने की शिकायत की है. मुखिया ने सफेद पत्थर के धंधे में सेटिंग-गेटिंग वाले का ब्यौरा भी दिया है. डीसी ने जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है.

पोटका में माइनिंग विस्थापितों की हालत खराब

पोटका की एक मुखिया ए मुर्मू ने डीसी को बताया कि पोटका प्रखंड में माइनिंग विस्थापितों की स्थिति खराब है. माइनिंग करने वाले या फिर खनन विभाग मौलिक सुविधा के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है. आम ग्रामीण पीने के पानी, बीमारी की जांच, इलाज दवा के लिए भी तरस रहे हैं.

वर्जन…

माइनिंग प्रभावित 217 पंचायतों में विकास के लिए जरूरी व उपयोगी योजनाओं का चयन किया जायेगा. योजनाओं के चयन को लेकर मुखियाओं को विशेष ट्रेनिंग दी जायेगी. इसको लेकर डीडीसी को निर्देश दिया गया है.

अनन्य मित्तल, डीसी, पूर्वी सिंहभूम.B

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By Prabhat Khabar News Desk

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