जमशेदपुर के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की देहरादून में गोली मारकर हत्या, 50 से अधिक मामले दर्ज

Crime News: झारखंड के जमशेदपुर के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में गोली मारकर हत्या कर दी गई. उस पर 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे. एसएसपी अजय सिंह के अनुसार मामला गैंगवार से जुड़ा है. झारखंड पुलिस के साथ मिलकर जांच जारी है. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

जमशेदपुर से संजीव भारद्वाज की रिपोर्ट

Crime News: झारखंड के जमशेदपुर निवासी विक्रम शर्मा की शुक्रवार सुबह करीब 10:00 से 10:15 के बीच देहरादून के राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई. विक्रम शर्मा जमशेदपुर का एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर था, जिस पर 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे. वह फिलहाल जमानत पर था और देहरादून में किराए के फ्लैट में रह रहा था.

मॉल में घात लगाकर बैठे थे हमलावर

चश्मदीदों के अनुसार, हमलावर पहले से ही मॉल के अंदर घात लगाकर बैठे थे. जैसे ही विक्रम जिम से निकलकर एस्केलेटर की ओर बढ़ा, दो हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. तीन गोलियां लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

गैंगवार से जुड़ा मामला

देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि यह मामला ‘गैंगवार’ से जुड़ा लग रहा है. हमलावर बाइक पर सवार होकर फरार हुए हैं. देहरादून पुलिस और एसटीएफ की टीमें गठित कर दी गई हैं, जो झारखंड पुलिस के साथ मिलकर जांच कर रही हैं.

देहरादून में एक महीने में पांचवीं हत्या

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की शांत वादियां एक बार फिर शुक्रवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा. सिल्वर सिटी मॉल में जिम से लौट रहे स्टोर क्रशन संचालक विक्रम शर्मा की हत्या कर दी गई. एक माह के अंदर पांचवीं हत्या से देहरादून में खौफ का माहौल है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

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गैंगस्टर था विक्रम शर्मा

बताया गया है कि मृतक विक्रम शर्मा गैंगस्टर था. उस पर 50 से अधिक मुकदमे दर्ज थे. उस पर 30 से अधिक हत्या के मुकदमे दर्ज थे. मामले के तार झारखंड गैंग से तार जुड़े हैं. पुलिस इस घटना को गैंगवार से जोड़ रही है. करीब 10 साल पहले विक्रम शर्मा को झारखंड पुलिस गिरफ्तार करके ले गई थी. लंबे समय तक वह जेल में बंद रहा. अब वह अंडरग्राउंड रहकर धंधे कर रहा था.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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