जमशेदपुर से संजीव भारद्वाज की रिपोर्ट
Jamshedpur Fuel Crisis: जमशेदपुर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत जारी रही. सप्लाई सिस्टम पूरी तरह ठप होने के कारण शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी दिक्कत हो रही है. स्थिति यह थी कि तेल न होने के कारण शहर के कई प्रमुख पंपों के संचालकों को ताले लटकाने पड़े. शहर के अलग-अलग इलाकों में ईंधन की उपलब्धता को लेकर दिनभर अफरा-तफरी की स्थिति रही. सिदगोड़ा स्थित पेट्रोल पंप में पेट्रोल पूरी तरह खत्म हो गया. यहां केवल डीजल मिल रहा था. बिष्टुपुर के तिवारी बेचर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल दोनों उपलब्ध थे, जिस कारण भारी भीड़ उमड़ पड़ी. वाहनों की लंबी लाइन लग गई.
इथेनॉल ब्लेंडिंग पंप में तकनीकी खराबी से आपूर्ति प्रभावित
वहीं, दूसरी ओर बिष्टुपुर गोल चक्कर स्थित पंप पर पेट्रोल नहीं होने से सन्नाटा पसरा हुआ था. कदमा में पेट्रोल पंप पर भी ईंधन की किल्लत साफ देखी गई और वाहन चालकों को कतारों में इंतजार करना पड़ा. बर्मा माइंस स्थित पंप में भी दिन के समय पेट्रोल और डीजल उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते पंप को बंद रखना पड़ा.
इथेनॉल मिलाने वाले ‘ब्लेंडिंग पंप’ में तकनीकी गड़बड़ी
प्रशासन और पंप संचालकों के अनुसार इस संकट का कारण तेल की कमी नहीं, बल्कि बोकारो डिपो में आयी तकनीकी खराबी है. दरअसल पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने वाला ‘ब्लेंडिंग पंप’ खराब हो गया है. सरकार के नियमों के मुताबिक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाया जाता है, लेकिन मिक्सिंग पंप खराब होने के कारण इथेनॉल की मात्रा असंतुलित हो गई है. इसके अलावा, जरा सा भी मॉइस्चर (नमी या पानी) आने पर इथेनॉल पानी के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया कर जाता है, जिससे वह भारी होकर टंकी के नीचे बैठ जाता है. इस ब्लेंडिंग के सही से नहीं होने के कारण पेट्रोल और इथेनॉल अलग-अलग हो गए, जिसे लोग पेट्रोल में पानी समझने लगे. यह समस्या पेट्रोल पंप के स्तर पर नहीं, बल्कि सीधे डिपो के मिक्सिंग सिस्टम में आई है.
गुणवत्ता जांच के बाद ही शुरू होगी सप्लाई
पेट्रोल पंप डीलरों और ट्रांसपोर्टर्स ने इस संकट को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने डिपो से तब तक तेल लेने से इनकार कर दिया है. जब तक कि ईंधन की गुणवत्ता की पूरी जांच न हो जाए. सुरक्षा के दृष्टिकोण से लिये गये इस निर्णय से सप्लाई चेन में दो दिनों का गैप कर दिया है. पंप संचालकों का मानना है कि यदि डिपो का मिक्सिंग पंप पूरी तरह ठीक हो जाता है और जांच प्रक्रिया सुचारू होती है, तो आने वाले एक से दो दिनों के भीतर शहर में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य होने की प्रबल संभावना है.
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