सूर्य सिंह बेसरा की मांग पर केंद्र ने उठाया कदम, माहली समाज की भाषा-संस्कृति को लेकर बढ़ी उम्मीद

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने माहली समुदाय की भाषा, संस्कृति और सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर शोध और दस्तावेजीकरण के लिए 6 राज्यों में पहल की है. इस पहल के तहत समुदाय के विकास और संरक्षण के लिए सिफारिशें तैयार की जाएंगी. 11 नवंबर को असम में माहली समाज का महाजुटान होगा.

जमशेदपुर: माहली अनुसूचित जनजाति समुदाय की भाषा, संस्कृति और सामाजिक-आर्थिक स्थिति अब व्यवस्थित शोध और दस्तावेजीकरण के दायरे में आयेगी. जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार ने इस दिशा में पहल करते हुए झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार और छत्तीसगढ़ के ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (TRI) के निदेशकों को पत्र भेजा है. मंत्रालय ने इन राज्यों में माहली समुदाय पर केंद्रित शोध कार्य शुरू करने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया है.

पूर्व विधायक सह ऑल इंडिया माहली आदिवासी एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा की मांग पर संज्ञान लेते हुए मंत्रालय ने यह पत्र जारी किया है. भारत सरकार के अवर सचिव पी. हाओकिप ने 14 सितंबर को जारी पत्र में ‘सपोर्ट टू TRI’ योजना के तहत माहली समुदाय पर शोध प्रस्ताव तैयार करने और उसे वार्षिक कार्य योजना में शामिल करने के लिए विचारार्थ भेजने का अनुरोध किया है.

भाषा, परंपरा और सामाजिक-आर्थिक स्थिति का होगा अध्ययन

प्रस्तावित अध्ययन में माहली समुदाय के ऐतिहासिक और नृवंशविज्ञान प्रोफाइल के साथ माहली भाषा की विशेषताओं, शब्दावली और मौखिक परंपराओं का दस्तावेजीकरण किया जायेगा. इसके अलावा समुदाय की सांस्कृतिक प्रथाओं, पारंपरिक कला और शिल्प तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति का भी अध्ययन किया जायेगा.

शोध में माहली भाषा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए सिफारिशें तैयार करने की भी बात कही गयी है. इस पहल से समुदाय की भाषा और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

11 नवंबर को असम में जुटेगा माहली समाज

माहली समाज की गतिविधियों को लेकर रविवार को बिष्टुपुर स्थित सर्किट हाउस में ऑल इंडिया माहली एसोसिएशन की बैठक हुई. पूर्व विधायक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में समाज से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, शैक्षणिक और संवैधानिक मुद्दों पर चर्चा की गयी.

बैठक में 11 नवंबर को असम के तिनसुकिया जिले में द्वितीय अंतरराष्ट्रीय माहली आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया. सूर्यसिंह बेसरा ने कहा कि इस अवसर पर देशभर के माहली समाज के लोगों का महाजुटान होगा.

बैठक में महासचिव-इंटर माहली, रमेश माहली, मनोरंजन माहली, रामचंद्र बेसरा, रामलाल माहली, ईश्वर हेंब्रम, प्रकाश हेंब्रम, कारू माहली, कान्हू राम मार्डी समेत अन्य लोग मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By दशमत सोरेन

दशमत सोरेन ने रांची विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है. वे 29 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से झारखंड की आदिवासी-मूलवासी राजनीति, स्थानीय समुदायों की भाषा-संस्कृति और यहां के सामाजिक ताना-बाना है. वे वर्ष 2010 से प्रभात खबर के साथ एक ट्राइबल रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे हैं.

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